अब हर सप्ताह चलेगा डैमोलेशन ड्राइव

Edited By swetha,Updated: 07 Dec, 2019 08:41 AM

now the demolition drive will run every week

सभी बिल्डिंगों को गिराने में लगेंगे 6 महीने

जालंधर(खुराना): पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शहर की 448 अवैध बिल्डिंगों पर कार्रवाई करने के लिए नगर निगम को जो कड़े निर्देश दे रखे हैं उनके परिणामस्वरूप निगम प्रशासन ने एन्फोर्समैंट टीम का गठन कर दिया है। निगम कमिश्नर द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक इस एन्फोर्समैंट टीम में ए.टी.पी., बिल्डिंग इंस्पैक्टर, तहबाजारी इंस्पैक्टर, एरिया ड्राफ्ट्समैन, निगम पुलिस का इंचार्ज तथा एरिया एस.एच.ओ. शामिल होंगे।

बड़ी खबर यह है कि अब निगम अवैध बिल्डिंगों पर कार्रवाई करने हेतु हर सप्ताह डैमोलेशन ड्राइव चलाया करेगा। निगम ने इस संबंध में जो आफिस आर्डर 29 नवम्बर को निकाले हैं, उन्हें पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में शामिल स्टेट्स रिपोर्ट के साथ लगाया गया है। निगम कमिश्नर ने इस आफिस आर्डर की एक कापी जालंधर के पुलिस कमिश्नर को भी भेजी है ताकि सभी पुलिस स्टेशनों को निर्देश भेजे जा सकें कि निगम को जब भी अवैध बिल्डिंगों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस की जरूरत होगी उसे उपलब्ध करवाई जाए।

सभी बिल्डिंगों को गिराने में लगेंगे 6 महीने 

हाईकोर्ट ने निगम से सभी अवैध बिल्डिंगों को गिराने संबंधी टाइम-टेबल मांगा था और स्पष्ट शब्दों में कहा था कि हर पेशी से पहले की गई कार्रवाई संबंधी स्टेट्स रिपोर्ट हाईकोर्ट को दी जाए और कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखी जाए। पूरी लिस्ट पर कार्रवाई के बाद ही याचिका को डिस्पोज आफ किया जाएगा। हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए निगमाधिकारियों ने हाईकोर्ट को लिखकर दिया है कि इस मामले में बनाई गई एन्फोर्समैंट टीम हर सप्ताह अवैध बिल्डिंगों को तोडऩे व अन्य प्रकार की कार्रवाई किया करेगी। निगम ने हाईकोर्ट को पूरी कार्रवाई करने के लिए 6 महीने का समय बताया। अब हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को करेगी और तब तक निगम को 2-4 बार डैमोलेशन ड्राइव चलाना होगा। १६७

अवैध बिल्डिंगों पर अभी भी कार्रवाई पैंडिंग अब इन्हें निशाने पर लेगा निगम 
गत 3 दिसम्बर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अवैध बिल्डिंगों को लेकर नगर निगम जालंधर ने जो स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल की है उसमें अभी भी 167 बिल्डिंगों पर कार्रवाई को पैंङ्क्षडग बताया गया है। इन अवैध बिल्डिंगों पर अभी तक कार्रवाई न करने के पीछे तर्क दिया गया है कि निगम के पास स्टाफ की कमी है। नई स्टेट्स रिपोर्ट के अनुसार अब सील हुई बिल्डिंगों की संख्या 62 हो गई है और 14 बिल्डिंगों को तोड़ा जा चुका है। 

 

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