Edited By Subhash Kapoor,Updated: 29 Apr, 2026 06:27 PM

बटाला को अलग जिला बनाने की उठ रही मांग के विरोध में गुरदासपुर का समूचा वकील समुदाय एक बार फिर खुलकर मैदान में उतर आया है।
गुरदासपुर (हरमन): बटाला को अलग जिला बनाने की उठ रही मांग के विरोध में गुरदासपुर का समूचा वकील समुदाय एक बार फिर खुलकर मैदान में उतर आया है। इस मुद्दे को लेकर वकीलों द्वारा शुरू किए गए तीन दिवसीय संघर्ष के दूसरे दिन मंगलवार को जिला अदालतों का कामकाज पूरी तरह ठप रखा गया और वकीलों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय तक रोष मार्च निकालकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला बचाओ संघर्ष समिति और जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित हुए वकीलों ने जिला प्रशासन के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि किसी भी कीमत पर ऐतिहासिक गुरदासपुर जिले को टुकड़ों में न बांटा जाए।
इस मौके पर वरिष्ठ वकील एडवोकेट मनोज लूंबा ने कहा कि पहले ही गुरदासपुर जिले को विभाजित कर पठानकोट को अलग जिला बनाया जा चुका है, जिससे जिले को आर्थिक, भौगोलिक और प्रशासनिक स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि अब बटाला को भी अलग जिला बनाया गया तो गुरदासपुर का अस्तित्व और कमजोर हो जाएगा तथा इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे।
वकीलों ने आरोप लगाया कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए गुरदासपुर जिले को तोड़ने की साजिश रची जा रही है, जिसे वे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और नया जिला बनाने से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
वकीलों ने चेतावनी दी कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाया गया है, लेकिन यदि सरकार ने उनकी मांग को नजरअंदाज किया तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
