Edited By Urmila,Updated: 06 Jan, 2026 11:55 AM

पुलिस प्रशासन की तमाम पाबंदियों और सख्ती के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए खूनी डोर का काला कारोबार अब डिजिटल हो गया है।
लुधियाना (राज) : पुलिस प्रशासन की तमाम पाबंदियों और सख्ती के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए खूनी डोर का काला कारोबार अब डिजिटल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि जहां पुलिस छोटे दुकानदारों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने में जुटी है, वहीं इस जानलेवा खेल के असली खिलाड़ी सोशल मीडिया के जरिए अपना नैटवर्क फैला चुके हैं।
यह डोर न केवल राहगीरों और बेजुबान पक्षियों की गर्दन काट रही है, बल्कि अब तकनीक के सहारे घरों तक पहुंचकर बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ कर रही है। अगर वक्त रहते इन ऑनलाइन ग्रुप्स पर नकेल नहीं कसी गई तो आने वाले दिनों में यह जानलेवा डोर और भी खतरनाक साबित होगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चाइना डोर बेचने वालों ने अब पकड़े जाने के डर से नए हथकंडे अपना लिए हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी आई.डी. बनाकर खूनी डोर के गट्टू की वीडियो और फोटो धड़ल्ले से अपलोड की जा रही हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए इन पोस्ट के नीचे एक संपर्क नंबर दिया जाता है। इस नंबर की खासियत यह है कि इस पर नॉर्मल कॉल नहीं लगती, बल्कि सिर्फ व्हाट्सएप कॉल के जरिए ही सौदा तय किया जाता है।

होम डिलीवरी और गुप्त लोकेशन का खेल
ऑर्डर फाइनल होने के बाद ये सप्लायर सीधे अपनी जगह पर बुलाने के बजाय किसी सुनसान जगह या तय किए गए गुप्त ठिकाने पर डोर की डिलीवरी देते हैं। पेमैंट ऑनलाइन ली जा रही है या फिर कैश-ऑन-डिलीवरी का विकल्प दिया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र को कानों-कान खबर तक नहीं हो पाती।

साइबर सैल की सुस्ती पड़ रही भारी
शहर में बढ़ते इस नैटवर्क ने साइबर क्राइम टीम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब अपराधी खुलेआम सोशल साइट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो तकनीक से लैस साइबर टीम इन अकाऊंट्स को ट्रेस करने में नाकाम क्यों है?

राजनीतिक साथ के कारण किंगपिन का गिरेबान, पुलिस पहुंच से दूर
इस समय शहर में न्यू माधोपुरी का रहने वाला सिर्फ एक ही सबसे बड़ा किंगपिन है जोकि चिंटू है और डोर की भारी मात्रा में सप्लाई करता है। हालांकि, वह अब तक तो अपना तकरीबन माल बेच चुका है। उसका कुछ माल अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों के गोदामों में पड़ा हुआ है। पुलिस अगर उसे दोबारा पकड़कर सख्ती से पूछताछ करे तो प्लास्टिक डोर का भारी जखीरा बरामद हो सकता है लेकिन राजनीतिक साथ होने के कारण किंगपिन चिंटू को पकड़ कर पुलिस पूछताछ भी नहीं कर सकती है। फिर भी पुलिस अपने तौर पर किंगपिन को दोबारा पकड़ने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने अपने जासूस सक्रिय कर दिए हैं ताकि उसकी जानकारी मिल सके कि वह कहा से डोर का माल उठाकर कहां सप्लाई करता है।
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