Edited By Kalash,Updated: 21 Feb, 2026 04:18 PM

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी पर बगावत का साया मंडरा रहा है।
लुधियाना (विशेष): पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी पर बगावत का साया मंडरा रहा है। इसके संकेत उस प्रक्रिया से मिले हैं, जिसमें विधायकों को साइड लाइन करके दिल्ली टीम के जरिए डिटेल जुटाई जा रही है। अगर पंजाब के सियासी माहौल की बात करें तो किसी भी चुनाव से पहले नेताओं के बड़े पैमाने पर पार्टियां बदलने की रिवायत चल रही है। यही हालात 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर आम आदमी पार्टी के सामने पैदा होने वाले हैं। क्योंकि आम आदमी पार्टी की पतली हालत को ध्यान में रखते हुए कई विधायक विधानसभा चुनाव से पहले नया रास्ता ढूंढ रहे हैं। इनमें लुधियाना के दो शहरी विधायकों के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से कांग्रेस या भाजपा के संपर्क में हैं।
इसके मद्देनजर आम आदमी पार्टी द्वारा भी बगावत से निपटने के लिए दूसरे विकल्प पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत सभी विधानसभा क्षेत्र के एक्टिव कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार की जा रही है। इस काम के लिए विधायकों को साइड लाइन करके दिल्ली टीम को लगाया गया है। जिस दिल्ली टीम द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार के कामकाज को पूरी तरह से कंट्रोल करने का आरोप विपक्षी पार्टियों के नेताओं द्वारा लगाया जा रहा है।
कईयों की टिकट बदलने से लेकर काटने तक की हो रही है चर्चा
आम आदमी पार्टी द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान कई विधायकों की टिकट बदलने से लेकर काटने तक की चर्चा हो रही है। इनमें मुख्य रूप से वो विधायक शामिल है, जिन पर करप्शन के आरोप लग रहे हैं या उनसे जुड़े विवाद सामने आए हैं। इस संबंध में फीडबैक आम आदमी पार्टी के पास पहुंचा है और अलग से सर्वे भी करवाया जा रहा है। इसके आधार पर पब्लिक के नेगेटिव रिस्पॉन्स वाले विधायकों की छुट्टी करने का फैसला किया जा सकता है।
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