Edited By Urmila,Updated: 13 Feb, 2026 11:16 AM

पूर्व पार्षद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी ममता आशु ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्थानीय सरकार (लोकल गवर्नमेंट) की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है।
लुधियाना (विक्की) : पूर्व पार्षद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी ममता आशु ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्थानीय सरकार (लोकल गवर्नमेंट) की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हालिया मीटिंग की एक तस्वीर जारी करते हुए शहर के विकास कार्यों में बाहरी दखलअंदाजी और "डमी कल्चर" पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ममता आशु ने अपनी पोस्ट में लिखा कि स्थानीय सरकार की मीटिंग में लुधियाना नगर निगम की फाइल टेबल पर रखी गई है और इस विभाग के मिनिस्टर संजीव अरोड़ा बड़े गर्व से यह दावा कर रहे हैं कि निगमों के विकास से जुड़े एजेंडे पास कर दिए गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सोमवार को हुई नगर निगम लुधियाना की हाउस मीटिंग मात्र 25 मिनट के भीतर ही समाप्त हो गई, जिसमें सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण एजेंडे को आनन-फानन में मंजूरी दे दी गई।
ममता आशु ने तस्वीर की ओर इशारा करते हुए लुधियाना वासियों से कहा कि वे साफ देख सकते हैं कि इस मीटिंग का संचालन दिल्ली से आए 'बॉस' कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह वास्तव में पंजाब के विकास का एजेंडा है या फिर दिल्ली द्वारा तैयार किया गया "विकास की चौगुनी रफ्तार" का कोई बाहरी वर्जन?
उन्होंने विशेष रूप से मिनिस्टर संजीव अरोड़ा के दाएं और बाएं बैठे दो व्यक्तियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'डमी' करार दिया। ममता आशु ने पूछा कि ये दोनों व्यक्ति पंजाब के लोकल बॉडी विभाग या किसी अन्य सरकारी विभाग में आखिर किस पद पर तैनात हैं और मंत्री जी को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने रोज़ गार्डन टेंडर मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी अभी तक बड़े अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट नहीं हुई है। ममता आशु ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में अब लुधियाना का भगवान ही राखा है।
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