महानगर में सेंसर ताश वाले पत्ते, गुप्त डिवाइस और लाखों का दांव! हाईटेक जुआ रैकेट का सनसनीखेज खुलासा

Edited By Urmila,Updated: 23 Aug, 2026 09:04 AM

sensational exposure of a high tech gambling racket

महानगर के थाना डिवीजन नंबर-3 के अंतर्गत आते एक मशहूर ढाबे के पिछले हिस्से (बैक साइड) में एक रिहायशी मकान के अंदर बड़े स्तर पर हाईटेक जुए  का रैकेट चलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

लुधियाना (राज): महानगर के थाना डिवीजन नंबर-3 के अंतर्गत आते एक मशहूर ढाबे के पिछले हिस्से (बैक साइड) में एक रिहायशी मकान के अंदर बड़े स्तर पर हाईटेक जुए  का रैकेट चलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, 'V' और 'R' नाम के दो पार्टनर इस पूरे धंधे को संचालित कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये लोग जुआ खेलने आने वाले लोगों को सिर्फ किस्मत के नाम पर नहीं, बल्कि सेंसर लगी ताश की गड्डियों और डिवाइस के जरिए धोखे से लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं।

रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक चलता है खेल

जानकारी के अनुसार, इस जुए के अड्डे पर रोजाना लाखों रुपये का दांव खेला जाता है। यह रैकेट पूरी तरह से सुनियोजित तरीके से चलता है। जुए की महफिल रात 12 बजे शुरू होती है और सुबह तड़के 6 बजे तक चलती है। शनिवार और रविवार की रात को यहां जुआ खेलने वालों की भारी भीड़ जुटती है। ढाबे के पीछे स्थित घर में यह सब गुप्त रूप से किया जाता है, ताकि बाहर से किसी को भनक न लगे।

हाईटेक ठगी: सेंसर वाले पत्ते और डिवाइस से करते हैं खेल

इस रैकेट का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि ये पार्टनर आम जुआ नहीं खिलाते, बल्कि डिजिटल ठगी का सहारा लेते हैं। सूत्रों के अनुसार, ये लोग जुए में जिस ताश के पत्तों का इस्तेमाल करते हैं, वह खास तौर पर डिजाइन की गई सेंसर वाली ताश होती है। यह ताश एक गुप्त डिवाइस से लिंक होती है। जब सामने वाला व्यक्ति दांव लगाता है, तो इन दोनों पार्टनरों को डिवाइस के जरिए पहले ही पता चल जाता है कि सामने वाले के हाथ में कौन से पत्ते हैं। इसी धोखाधड़ी के जरिए वे लगातार जीतते हैं और सामने वाले को लाखों रुपये का फटका लगा देते हैं।

दो युवकों से ठगे ₹3 लाख, हंगामा होने पर पैसे वापिस देने को माने

हाल ही में इस गिरोह ने दो युवकों को अपने जाल में फंसाकर धोखे से 3 लाख रुपये जीत लिए थे। लेकिन, उन युवकों को किसी तरह इनके इस हाईटेक पैंतरे की भनक लग गई। जब युवकों ने वहां भारी हंगामा किया और पुलिस बुलाने की धमकी दी, तो मामले को रफा-दफा करने के लिए दोनों पार्टनर उनके पैसे वापस करने को तैयार हो गए।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल: 'सेटिंग' से चल रहा काम?

थाना डिवीजन नंबर-3 के इतने करीब और बीच शहर में इतने बड़े स्तर पर जुए का रैकेट चलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सूत्रों का दावा है कि इन दोनों पार्टनरों 'V' और 'R' की स्थानीय पुलिस के साथ गहरी 'सेटिंग' है। यही कारण है कि ढाबे के पीछे रात 12 बजे के बाद लगने वाली इतनी भीड़ और रोजाना होने वाले लाखों के खेल के बावजूद आज तक पुलिस ने यहां कोई रेड नहीं की है। अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद उच्च पुलिस अधिकारी इस हाईटेक जुआ गिरोह पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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