Edited By Urmila,Updated: 29 Aug, 2025 12:51 PM

बरनाला के गुरु नानक नगर में रहने वाले लखविंदर सिंह (पुत्र जीत सिंह) की जिंदगी एक कच्चे मकान की छत गिरने के कारण खत्म हो गई।
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि) : बरनाला के गुरु नानक नगर में रहने वाले लखविंदर सिंह (पुत्र जीत सिंह) की जिंदगी एक कच्चे मकान की छत गिरने के कारण खत्म हो गई। उनकी उम्र सिर्फ 33 साल थी। इस दुखद हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। लखविंदर सिंह के 3 अन्य पारिवारिक सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत के कारण फरीदकोट अस्पताल रैफर करना पड़ा।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, लखविंदर सिंह ने करीब 6 महीने पहले अपने कच्चे मकान की खराब हालत के बारे में नगर परिषद बरनाला को जानकारी दी थी। उसने "कच्चे घरों के लिए आई सरकारी योजना" के तहत आवेदन भी दिया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद ने उनकी अर्जी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि अगर समय पर लखविंदर सिंह को वित्तीय सहायता मिल जाती, तो शायद आज यह दुखद हादसा नहीं होता।
लखविंदर सिंह की अचानक मौत से परिवार का भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय हो गया है। इस हादसे के बाद इलाके में लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि नगर परिषद और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। लोगों ने मांग की है कि परिवार को तुरंत वित्तीय सहायता दी जाए और इलाके के सभी कच्चे मकानों की जांच करके सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया
बाजीगर सिख कौम सोशल सोसायटी के उपाध्यक्ष मलकीत सिंह मीता ठेकेदार ने कहा कि तहसीलदार बरनाला ने डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में सारा मामला लाया। डिप्टी कमिश्नर ने परिवार को 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता, 60 हजार रुपए बर्तनों के लिए और 2.5 लाख रुपए नगर परिषद की ओर से देने का ऐलान किया है, जिसका आश्वासन प्रधान गुरजीत सिंह रामनवासिया और कार्यकारी अधिकारी ने दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मृतक की पत्नी को उसकी योग्यता के आधार पर नौकरी देने का भी वादा किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सोसाइटी की ओर से भी परिवार को 10 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी गई है।
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