पंजाब में लगी सख्त पाबंदियां, शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे तक...

Edited By Kalash,Updated: 02 Apr, 2026 12:28 PM

restrictions in punjab from 7pm to 8am

पंजाब के अलग-अलग जिलों में गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए डी.सी. द्वारा पाबंदियों के कई आदेश जारी किए गए हैं।

पटियाला/फिरोजपुर/गुरदासपुर/होशियारपुर/मानसा (मनजीत कौर): पंजाब के अलग-अलग जिलों में गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए डी.सी. द्वारा पाबंदियों के कई आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि साल 2026 में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। आमतौर पर देखा गया है कि गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगा दी जाती है, जिससे नुकसान होने का खतरा रहता है। हवा में धुएं से प्रदूशन होता है, जिससे सांस की बीमारियां हो सकती हैं। जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में शाम 7 बजे से अगली सुबह 6 बजे तक कंबाइन चलाने पर पाबंदी के आदेश जारी किए हैं। गेहूं की फसल की कटाई के दौरान रात में कंबाइन चलाने पर रोक लगाई गई है। ऊपर दिए गए दोनों आदेश 31 मई, 2026 तक लागू रहेंगे।

फाजिल्का (लीलाधर): जिला मजिस्ट्रेट फाजिल्का द्वारा जिले में शाम 7:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक कंबाइन के जरिए गेहूं की कटाई करने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। इसी तरह गेहूं की नाड़ को आग लगाने के बाद भी सख्ती से पाबंदी लगाई गई है।

गुरदासपुर (हरमन): अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुरदासपुर गुरसिमरन सिंह ढिल्लों द्वारा गेहूं के अवशेष (नाड़) को आग लगाने या जलाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश 1 अप्रैल से 10 जून 2026 तक लागू रहेंगे। जारी आदेशों में बताया गया कि अकसर गेहूं की कटाई के बाद किसान खेतों में बची नाड़ को आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है। आग लगने से मिट्टी की ऊपरी सतह में मौजूद लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और आसपास खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।

होशियारपुर (घुम्मन): जिला मैजिस्ट्रेट आशिका जैन ने होशियारपुर में शाम 7 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक कम्बाइनों से गेहूं काटने पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने गेहूं की कटाई करने वाली कम्बाइनों के मालिकों को निर्देश दिए कि वे हार्वेस्टर कम्बाइन का उपयोग करने से पहले कृषि विभाग के माध्यम से मशीन की अनिवार्य जांच (इंस्पैक्शन) करवाएं और कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर एस.एम.एस. लगाए बिना न चलाया जाए। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। जिला मैजिस्ट्रेट ने यह भी अपील की है कि गेहूं की पराली या फसल के अवशेष को आग न लगाई जाए, क्योंकि इससे स्वच्छ वातावरण प्रदूषित होता है।

मालेरकोटला (जहूर): जिला मजिस्ट्रेट विराज एस. तिड़के ने मालेरकोटला जिले में शाम 7:00 बजे से सुबह 10:00 बजे तक कंबाइन से गेहूं की कटाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। फसलों की बची हुई नाड़ को आग न लगाने की भी हिदायत दी गई है।

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