Edited By Kamini,Updated: 01 Jan, 2026 07:24 PM

पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किए हैं।
पंजाब डेस्क : पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किए हैं। खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन बढ़ाने और टिकाऊ विकास को गति देने के लिए पंजाब सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार आईआईटी रोपड़ में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सहयोग से कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को व्यापक रूप देने की दिशा में काम कर रही है।
इस संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां की अध्यक्षता में पंजाब भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि क्षेत्र की मौजूदा प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ AI आधारित तकनीकों को अपनाकर फसल उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और किसानों की आय में इजाफा करने को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों तक वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए नई और उन्नत तकनीकों को जमीन पर उतारना समय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि AI से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएं और जिलों में इनके प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने, किसानों की भागीदारी से फील्ड डेटा एकत्र करने, बागवानी क्लस्टरों को मजबूत करने और पशुपालन क्षेत्र में AI आधारित समाधान लागू करने पर भी जोर दिया गया।
खुड्डियां ने कहा कि इस तरह के सहयोग से पंजाब AI आधारित कृषि सुधारों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा। साथ ही, सरकार के इन प्रयासों से खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों में संसाधनों की दक्षता, जलवायु के अनुकूल तकनीकों और टिकाऊ विकास को नई दिशा मिलेगी। बैठक में आईआईटी रोपड़ के विशेषज्ञों ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत चल रही प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें स्मार्ट फसल सलाह प्रणाली, बहुभाषी किसान चैटबॉट, उपज पूर्वानुमान मॉडल, मिट्टी स्वास्थ्य विश्लेषण, मौसम आधारित निर्णय सहायता और आधुनिक पशुधन प्रबंधन से जुड़ी तकनीकें शामिल हैं। इस अवसर पर कृषि विभाग और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here