Edited By Vatika,Updated: 27 Aug, 2026 04:50 PM

पंजाब सरकार ने राज्य में एनालॉग यानी नॉन-डेयरी पनीर की बिक्री, उत्पादन और भंडारण पर रोक
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य में एनालॉग यानी नॉन-डेयरी पनीर की बिक्री, उत्पादन और भंडारण पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध एक साल के लिए लगाया गया है। ये आदेश फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब की कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ ने जारी किए हैं। उक्त कार्रवाई फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 की धारा 30(2)(ए) के तहत की गई है।
इस फैसले के बाद पंजाब में कोई भी फूड बिजनेस ऑपरेटर किसी भी नाम से एनालॉग पनीर का उत्पादन नहीं कर सकेगा। विभाग की ओर से जिला स्तर पर डेयरी यूनिटों, पनीर फैक्ट्रियों, थोक विक्रेताओं, रिटेलरों, कोल्ड स्टोरों, गोदामों और पनीर ले जाने वाले वाहनों की जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा होटल और रेस्टोरेंट के पनीर खरीद रिकॉर्ड भी चेक किए जाएंगे। नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
512 सैंपलों में से 215 फेल
अधिकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच पूरे पंजाब से पनीर के 512 सैंपल लिए गए और जांच के लिए मान्यता प्राप्त फूड लैब भेजे गए। इनमें से 215 सैंपल यानी करीब 42 फीसदी फेल पाए गए। इनमें 156 सैंपल सब-स्टैंडर्ड और 59 असुरक्षित पाए गए। जांच में पनीर के फैट की गुणवत्ता में भी गड़बड़ी मिली। अधिकारियों के मुताबिक कुछ सैंपलों में वनस्पति घी और बाहरी फैट मिलाए जाने के संकेत मिले।यह प्रतिबंध केवल पनीर बनाने वाली फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य फूड सर्विस सेक्टर पर भी लागू होगा।