Edited By Vatika,Updated: 25 Mar, 2026 03:11 PM

नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी.), नई दिल्ली के प्रिंसीपल बैंच ने जिला बरनाला के सरकारी संस्थानों
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी.), नई दिल्ली के प्रिंसीपल बैंच ने जिला बरनाला के सरकारी संस्थानों और गांवों में बिना किसी अनुमति के हरे-भरे और पुराने सरकारी पेड़ काटने के मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन माननीय जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, एक्सपर्ट मैंबर डॉ. ए. सेंथिल वेल और डॉ. अफरोज अहमद ने इस मामले में पंजाब सरकार के मुख्य सचिव सहित 15 वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एन.जी.टी. ने भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रालयों के उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में शामिल होंगे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक प्रतिनिधि। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ का एक प्रतिनिधि। पंजाब सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक का एक प्रतिनिधि।
यह समिति 4 सप्ताह के भीतर उन सभी स्थानों का दौरा करेगी जहां पेड़ काटे गए हैं। समिति को कटे हुए पेड़ों की सटीक संख्या, इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम-पते और उन पर लगाए जाने वाले उचित दंड व जुर्माने के सुझाव सहित विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। गुरप्रीत सिंह काहनेके ने कहा कि उनके पास इन घटनाओं के पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें वह जांच समिति के सामने पेश करेंगे। उन्होंने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि स्पष्ट उल्लंघन के बावजूद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से बचा जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचाने वाले इन लोगों के खिलाफ बिना देरी किए एफ.आई.आर. दर्ज की जाए और सख्त जुर्माना वसूला जाए।
क्या है पूरा मामला?
पर्यावरण प्रेमी और समाजसेवी गुरप्रीत सिंह काहनेके ने एन.जी.टी. में एक जनहित याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार:
नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला: यहां से लगभग 140 हरे-भरे सरकारी पेड़ अवैध रूप से उखाड़ दिए गए।
पुड्डा मार्केट बरनाला: यहां नीम का एक लगभग 100 साल पुराना ऐतिहासिक पेड़ काट दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्र: गांव बदरा, धनेर और बखतगढ़ की शामलात (साझा) जमीनों से भी बड़ी संख्या में पुराने सरकारी पेड़ों को काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया।
इन अधिकारियों को जारी हुए नोटिस
एन.जी.टी. ने पंजाब के मुख्य सचिव, प्रिं. सैक्रेटरी (पंचायत विभाग), डायरैक्टर (पंचायत विभाग), डिप्टी कमिश्नर बरनाला, एस.एस.पी. बरनाला, चेयरमैन नगर सुधार ट्रस्ट, डी.डी.पी.ओ., बी.डी.पी.ओ. महलकलां व सहणा, ई.ओ. नगर सुधार ट्रस्ट, डी.एफ.ओ. संगरूर, रेंज ऑफिसर बरनाला, एक्सियन पुड्डा पटियाला और धनेर व बखतगढ़ के सरपंचों को नोटिस जारी किए हैं।