Edited By Kamini,Updated: 24 Jan, 2026 05:23 PM

जम्मू-कश्मीर के डोडा के जिले में ड्यूटी के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना के जवान जोबनजीत सिंह की पार्थिव देह आज कुछ समय पहले उनके गृह जिला रोपड़ के अंतर्गत गोबिंद वैली स्थित उनके पैतृक निवास पर पहुंची। जैसे ही शहीद की पार्थिव...
रोपड़ : जम्मू-कश्मीर के डोडा के जिले में ड्यूटी के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना के जवान जोबनजीत सिंह की पार्थिव देह आज कुछ समय पहले उनके गृह जिला रोपड़ के अंतर्गत गोबिंद वैली स्थित उनके पैतृक निवास पर पहुंची। जैसे ही शहीद की पार्थिव देह घर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। आज शहीद पंचतत्व में विलीन हो गए।
गौरतलब है कि शहीद जोबनजीत सिंह डोडा हादसे में शहीद हुए सैन्य जवानों में शामिल थे और उनका संबंध रोपड़ जिले से था। शहीद के पिता बलवीर सिंह स्वयं भी भारतीय सेना में देश की सेवा कर चुके हैं। बेटे की शहादत के मौके पर उन्होंने एक बार फिर अपनी सैन्य वर्दी पहनकर एक फौजी पिता होने का कर्तव्य और गर्व दोनों निभाया।

शहीद के घर का माहौल बेहद भावुक था। आंखों में आंसू थे, लेकिन दिलों में बेटे की शहादत पर गर्व भी साफ दिखाई दे रहा था। “जोबनजीत सिंह अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। दोपहर करीब 3 बजे शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

इस मौके पर शहीद के पिता बलवीर सिंह ने भावुक होकर बताया कि जोबनजीत उनका इकलौता पुत्र था और उसकी शादी की सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं। उन्होंने कहा कि शुरू में दुख असहनीय था, लेकिन भारत माता की सेवा और बेटे की शहादत ने उन्हें हौसला दिया। उन्होंने 1971 की जंग सहित देश के लिए शहीद हुए सभी वीर सैनिकों को नमन किया।

शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए रूपनगर के विधायक दिनेश चड्ढा सहित विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे इलाके ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।

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