1 लाख से ज्यादा मिट्टी की बोरियों से भरी जाएगी धुस्सी बांध की दरार, अभी इतने दिन और लगने की संभावना

Edited By Kalash,Updated: 15 Jul, 2023 11:31 AM

more than 1 lakh earthen bags will fill the dhusi dam s crack

पंजाब, हिमाचल सहित अन्य राज्यों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण सतलुज दरिया के उफान से फिल्लौर, शाहकोट, लोहियां के गांवों में भरा पानी आज

जालंधर : पंजाब, हिमाचल सहित अन्य राज्यों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण सतलुज दरिया के उफान से फिल्लौर, शाहकोट, लोहियां के गांवों में भरा पानी आज 5वें दिन भी अपना प्रकोप दिखाता रहा। धुस्सी बांध में आई दरारों के कारण पानी के बहाव को रोका नहीं जा सकता है परंतु राहत कार्य बदस्तूर जारी है। डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल, निकाय मंत्री बलकार सिंह, सांसद सुशील रिंकू, सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के साथ सैंकड़ों की तादाद में गांव निवासी, सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं व संत सीचेवाल की संगत और वालंटियर्स लगातार बांध की दरार को भरने में जुटे हुए है। आज मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी प्रभावित गांवों का दौरा करते हुए लोगों को उनकी सुरक्षा यकीनी बनाने का आश्वासन दिया है।

इसके अलावा जलभराव में डूबे गावों में पानी की बोतले, खाद्य पदार्थ व अन्य राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को समझा-बुझा कर राहत शिविरों तक लाने में एन.डी.आर.एफ. व सेना की टुकड़ियों सहित जिला के प्रशासनिक अधिकारी व आप नेता लगातार जुटे रहे। परंतु पानी भरने के बावजूद लोगों को अब खाने-पीने के सामान की कमी पड़ने लगी है, सबसे बड़ी समस्या पशुओं का चारा और गंदगी व बदबू मारते पानी के कारण होने वाली शारीरिक समस्याओं से सामना करना पड़ रहा है। यूं तो डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग ने अपनी टीमें राहत कार्यों को लगा रखी है परंतु पीड़ित परिवारों में उल्टी, दस्त, बुखार, चमड़ी रोगों सहित अन्य दिक्कतें सामने आने लगी है। वहीं जिन गावों में लोगों ने अपने घरों को नहीं छोड़ा उनके पशुओं को भी कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।

कईं गावों के हालात ऐसे बदत्तर हो रहे है कि बच्चों, महिलाओं और बुर्जुगों का जीवन दुश्वार हो चुका है, परंतु लोगों की अपनी जीवन भर की कमाई से बनाए घरों व खेतों को छोड़ कर न जाने की जिद के कारण राहत प्रबंधों को लेकर जिला प्रशासन की परेशानियां और भी बढ़ रही है।

डिप्टी कमिश्नर ने 9 जुलाई को ही दरिया व पानी के बढ़ते स्तर और मूसलाधार बारिश को देखते हुए 50 निचले और बाढ़ संभावित गांवों को खाली करवाने के आदेश दिए थे। जिनमें से बूड़ेवाल, चक्कल, यूसफ़पुर दारेवाल और चक्क यूसफ़ हाथीवाला, नरंगपुर, परजियां खुर्द, गेहलण, भदो, दानेवार, बाऊपुर, साहलापुर, नसीरपुर, मंडाला, मुंडी कालू, कुतबीवाल, गिद्दड़पिंडी, यूसफ़पुर आलेवापुर आलेवाल सहित अन्य गांव भी शामिल हैं।

गांवों में पानी भरने के बाद हालात उस समय बदत्तर हुए जब धुस्सी बांध उन 2 स्थानों से टूट गया जहां पानी का बहाव बहुत तेज था। गांव नसीरपुर में करीब 70 फुट की आई दरार को भरने में संत सीचेवाल और उनकी संगत सहित अन्य लोग दिन रात काम कर रहे हैं। संत सीचेवाल का कहना है कि इस दरार को भरने में 1 लाख से ज्यादा मिट्टी की बोरिया लगेगी और इस काम में 5-6 दिन और लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से राहत कार्यों में फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

ए.डी.सी, एस.डी.एम, तहसीलदारों सहित समूचा प्रशासनिक अमला भी दिन-रात राहत प्रबंधों में जुटा

जिला में मूसलाधार बारिश और हिमाचल से आए पानी के बहाव के कारण जालंधर जिला के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए है परंतु डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने समय रहते ही राहत प्रबंधों को शुरू करा दिया था। डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों के बाद एडीशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) मेजर अमित महाजन को शाहकोट ब्लॉक के इंचार्ज, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (रूरल डेवलपमेंट) वरिंदरपाल सिंह बाजवा को लोहिया ब्लॉक, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (अर्बन डिवैल्पमैंट) को फिल्लौर और सचिव जिला परिषद को महतपुर ब्लॉक का इंचार्ज लगाया था। तब से ही सभी ए.डी.सी जिला से संबंधित एस.डी.एम्ज अमनपाल सिंह, विकास हीरा, बलबीर राज सिंह, श्रृषभ व सभी तहसीलदारों व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दिन-रात गांवों में राहत पंहुचाने के अलावा लोगों के रहने व खाने-पीने सहित अन्य जरूरी प्रबंधों को करानें में जुटे हुए हैं।

हर जुबां पर वाहेगुरु अब मेहर रखना

जलभराव से पीड़ित गांव वालों और राहत प्रबंधन में जुटे हरेक इंसान की जुबां पर केवल एक ही बात सुनने को मिलती है-वाहेगुरू अब मेहर रखना। 2019 को पंजाब में आई बाढ़ का मंजर देख चुके वयोवृद्ध किसान दलजीत सिंह का कहना है कि पानी का स्तर कुछ कम तो हुआ है, परंतु पुन: बारिश आने की दस्तक रूह तक को कपां देती है। अगर अब ऐसे समय में बारिश आई तो मुश्किलें और भी बढ़ जाएगी। पिछले कई दिनों से लोगों के घर, खेत, खलियान पानी में डूबे हुए है। अनेकों कच्चे मकान गिर गए अथवा क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। सैकड़ों लोग घर से बेघर हो चुके हैं। ऐसे में जहां भगवान का आसरा है।

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