Edited By Urmila,Updated: 02 Jun, 2026 12:43 PM

खाद्य सुरक्षा को लेकर लुधियाना में एक बार फिर बड़े ब्रांड और नामी खाद्य प्रतिष्ठान जांच के घेरे में आ गए हैं।
लुधियाना (सुधीर) : खाद्य सुरक्षा को लेकर लुधियाना में एक बार फिर बड़े ब्रांड और नामी खाद्य प्रतिष्ठान जांच के घेरे में आ गए हैं। जनवरी 2026 से मई 2026 तक चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान लिए गए खाद्य सैंपलों की प्रयोगशाला रिपोर्ट में कई उत्पाद असुरक्षित, निम्न स्तर के और गलत लेबलिंग वाले पाए गए हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला की निगरानी में चलाए गए इस अभियान के दौरान सबसे गंभीर मामला चंडीगढ़ रोड स्थित मुंडियां कलां के रिलायंस स्टोर से लिए गए गुड़ के सैंपल का सामने आया। प्रयोगशाला जांच में यह सैंपल असुरक्षित पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार गुड़ में भारी मात्रा में फफूंद पाई गई, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती है।
डॉ. आशीष चावला ने कहा कि फफूंद से दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान साहनेवाल के एक ढाबे और फव्वारा चौक के निकट स्थित एक खाद्य प्रतिष्ठान से लिए गए पनीर के सैंपल भी असुरक्षित पाए गए। इसके अलावा गिल चौक के पास एक कारोबारी प्रतिष्ठान से जब्त किए गए देसी घी के दोनों सैंपल भी असुरक्षित घोषित किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फिरोजपुर रोड स्थित एमबीडी मॉल के एक रेस्टोरेंट और ग्रैंड ओरिएंटल रेस्टोरेंट से लिए गए इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे और उन्हें निम्न स्तर का पाया गया।
डेयरी उत्पादों की जांच के दौरान संत स्वीट्स, बिकानेरी स्वीट्स, सिद्धि विनायक डेयरी और जागीर डेयरी से लिए गए पनीर के सैंपल भी निम्न स्तर के पाए गए। इसी प्रकार गिल रोड, नारंगवाल, बिलासपुर और हैबोवाल क्षेत्रों से लिए गए कई दूध के सैंपल भी प्रयोगशाला जांच में फेल रहे।
एक अन्य मामले में दुगरी के एक व्यापारी से जब्त किए गए कॉफी के चार सैंपलों को गलत लेबलिंग वाला पाया गया। विभाग के अनुसार उत्पादों पर अंकित जानकारी और लेबलिंग खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थी।
डॉ. आशीष चावला ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर में सभी व्यवसाय और ब्रांड समान हैं। उन्होंने कहा, चाहे कोई स्थानीय कारोबारी हो या राष्ट्रीय स्तर का ब्रांड, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। कानून से ऊपर कोई नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले पिज्जा हट, केएफसी और बर्गर किंग से जुड़े सैंपलों में भी खामियां मिलने के बाद कार्रवाई की जा चुकी है। ताजा रिपोर्ट यह दर्शाती है कि विभाग बड़े ब्रांडों और स्थानीय कारोबारियों दोनों पर समान रूप से निगरानी रख रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन सैंपलों की रिपोर्ट असुरक्षित, निम्न स्तर की या गलत लेबलिंग वाली आई है, उनसे संबंधित पक्षों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अदालतों में मामले दर्ज किए जाएंगे। डॉ. चावला ने उपभोक्ताओं से अपील की कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता, लेबलिंग और मानकों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य उत्पाद की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
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