Ludhiana : अगर आप भी आ रहे इस पुल की ओर तो सावधान! हजारों लोगों की जान खतरे में

Edited By Urmila,Updated: 19 Jul, 2026 11:37 AM

ludhiana s jagraon bridge looming danger

महानगर की लाइफलाइन और सबसे व्यस्ततम जगराओं पुल प्रशासनिक लापरवाही और नगर निगम के इंजीनियरों की घोर नालायकी के कारण कभी भी किसी बड़े भयानक हादसे का सबब बन सकता है।

लुधियाना (राज): महानगर की लाइफलाइन और सबसे व्यस्ततम जगराओं पुल प्रशासनिक लापरवाही और नगर निगम के इंजीनियरों की घोर नालायकी के कारण कभी भी किसी बड़े भयानक हादसे का सबब बन सकता है। बीते साल भारी बारिश के कारण पुल की सुरक्षा दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया था, जिसके बाद मिल्लरगंज की तरफ जाने वाले हिस्से को 'असुरक्षित'  घोषित कर दिया गया था लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि एक पूरा बरसाती सीजन बीत जाने और अब दूसरा सीजन शुरू होने के बावजूद नगर निगम इस पुल की मरम्मत या नए निर्माण का एक एस्टीमेट तक तैयार नहीं कर सका है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि पुल के ऊपर से अब सड़क भी धंसनी शुरू हो गई है, जिससे दिल्ली, जालंधर और अमृतसर जाने वाले हजारों वाहन चालकों की जान हर पल दांव पर लगी हुई है।

चूहों और जंगली झाड़ियों का कब्जा: खोखला हो चुका है पूरा ढांचा

जगराओं पुल के मौजूदा हालात इस कदर नाजुक हैं कि इसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। पुल की नींव और सुरक्षा दीवारों के आसपास चूहों ने बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए हैं, जिसके चलते पूरा ढांचा अंदर से खोखला हो चुका है। इसके साथ ही, पुल की दीवारों और जोड़ों के भीतर बड़े पैमाने पर जंगली घास और झाड़ियां उग आई हैं। इन झाड़ियों की मजबूत जड़ें दीवारों को अंदर से फाड़ रही हैं, जिससे दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। रही-सही कसर मानसून की बारिश पूरी कर देती है, क्योंकि पुल पर जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, जो इस कमजोर ढांचे को और कमजोर कर रही है।

दावों की खुली पोल: 'वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट' के नाम पर निगम ने बोला झूठ!

इस गंभीर मामले में नगर निगम के एसई (SE) रणजीत सिंह ने पहले दावा किया था कि इस पुल को चौड़ा करने और इसकी रिटेनिंग वॉल को ठीक करने का काम शहर में चल रहे 'वर्ल्ड क्लास सड़कों' वाले प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। लेकिन जब इस दावे की जमीनी हकीकत जानने के लिए वर्ल्ड क्लास रोड प्रोजेक्ट के मेंबर राहुल वर्मा से क्रॉस-चेक किया गया, तो निगम के झूठ का भंडाफोड़ हो गया। राहुल वर्मा ने स्पष्ट किया कि, "इस प्रोजेक्ट में जगराओं पुल को चौड़ा करना या उसकी सुरक्षा दीवार बनाने जैसी कोई भी योजना कार्यक्षेत्र में शामिल ही नहीं है। प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ सड़कों को वर्ल्ड क्लास बनाया जाएगा, पुल को नहीं।"

एक्शन में कमिश्नर: फाइल दबाने वाले अधिकारियों से रिपोर्ट तलब, मेंटेनेंस के आदेश

इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कमिश्नर ने कहा, "संबंधित बीएंडआर ब्रांच के अधिकारियों से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जा रही है कि आखिर एक साल से यह फाइल कहां और क्यों अटकी हुई है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।" कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने आगे बताया कि चूंकि अभी बरसाती सीजन चल रहा है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए मौके पर जो भी तात्कालिक मेंटेनेंस या पैचवर्क हो सकता है, उसे तुरंत प्रभाव से शुरू करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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