लुधियाना में विकास का खुलेगा पिटारा: 150 करोड़ रुपए के 187 प्रस्ताव, 80% सड़कें होंगी नई

Edited By Vatika,Updated: 11 Sep, 2026 09:00 AM

ludhiana municipal corporation

नगर निगम F&CC की अहम बैठक 14 सितंबर को: शहर के विकास के लिए रखे जाएंगे ₹150 करोड़ के 187 प्रस्ताव, 80% सड़कें होंगी चकाचौंध -पार्कों का सुंदरीकरण, ट्यूबवेल, CCTV, नई सीवरेज लाइन और स्पोर्ट्स बॉक्स (क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल) का खुलेगा पिटारा

लुधियाना (राज): नगर निगम की सबसे शक्तिशाली कमेटी—फाइनेंस एंड कांट्रेक्ट कमेटी (F&CC) की महत्वपूर्ण बैठक आगामी 14 सितंबर को आयोजित होने जा रही है। कमेटी में दो नए सदस्यों के शामिल होने के बाद यह दूसरी बड़ी बैठक होगी। बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े करीब 150 करोड़ रुपये की लागत के 187 प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए पटल पर रखा जाएगा।

इन प्रस्तावों में लगभग 80 प्रतिशत कार्य शहर की टूटी सड़कों के नए सिरे से पुनर्निर्माण और कारपेटिंग से संबंधित हैं, जिससे महानगर वासियों को खस्ताहाल सड़कों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक के एजेंडे में सबसे बड़ा आकर्षण विधानसभा हलका पश्चिमी रहेगा। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं वाली 'रंगला पंजाब' योजना के तहत हलका पश्चिमी के विभिन्न वार्डों में अकेले 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का मेगा प्रस्ताव मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इसके साथ ही बुड्ढा दरिया के किनारे भू-कटाव और जलभराव को रोकने के लिए दो अहम स्थानों पर मजबूत रिटेनिंग वॉल के निर्माण का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल किया गया है।

अन्य विकास कार्यों में शहर भर में नए ट्यूबवेल स्थापित करना, बदहाल पार्कों की मरम्मत व सुंदरीकरण, प्रमुख वार्डों में सुरक्षा के लिहाज से हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाना, नई सीवरेज लाइनें बिछाना और युवाओं के लिए क्रिकेट, बैडमिंटन व वॉलीबॉल बॉक्स स्पोर्ट्स ग्राउंड तैयार करना शामिल है। बैठक में विकास कार्यों के अलावा 169 नए कर्मियों को आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती करने के 6 अलग-अलग प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।  आउटसोर्सिंग के इन प्रस्तावों को लेकर बैठक में सत्तापक्ष और विपक्षी पार्षदों के बीच तीखी खींचतान होने के पूरे आसार हैं। एफएंडसीसी सदस्य पार्षद गौरव भट्टी पहले भी आउटसोर्सिंग के नाम पर होने वाली नियुक्तियों में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार को लेकर सत्तापक्ष को घेर चुके हैं। पहले रखे गए कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और उनकी वास्तविक तैनाती को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में इस बार भी 169 नए कर्मियों के प्रस्ताव पर जमकर हंगामा होने की संभावना है।

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