Edited By Urmila,Updated: 15 Sep, 2026 11:32 AM

मौजूदा मौसम में डेंगू और मच्छरों से फैलने वाली अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए आम जनता को जागरूक करने और मच्छरों का सफाया करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले भर में 'हल्ला बोल' मुहिम चलाई जा रही है।
गुरदासपुर (हरमन): मौजूदा मौसम में डेंगू और मच्छरों से फैलने वाली अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए आम जनता को जागरूक करने और मच्छरों का सफाया करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले भर में 'हल्ला बोल' मुहिम चलाई जा रही है, जिसके तहत विभाग की टीमें लार्वा चेकिंग, फॉगिंग, कीटनाशक स्प्रे और जागरूकता फैलाने का काम कर रही हैं। सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार प्रभाकर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग का फील्ड स्टाफ फैक्टरियों, निर्माणाधीन इमारतों (कंस्ट्रक्शन साइट्स) और सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ घर-घर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है। डॉ. प्रभाकर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए हर हफ्ते सोमवार और शुक्रवार को विशेष गतिविधियां की जाती हैं। जांच के दौरान जहां भी मच्छर का लार्वा मिल रहा है, उसे मौके पर ही नष्ट करके लोगों को सावधानियां बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए बड़े आंकड़े दर्शाते हैं कि डेंगू का लार्वा शहरों के साथ-साथ गांवों में भी तेजी से फैल रहा है। शहरी क्षेत्रों में विभाग द्वारा 1,12,473 घरों की चेकिंग की गई, जिनमें से 2,507 घरों के अंदर मच्छर का लार्वा पाया गया। इसी तरह शहरों में चेक किए गए 3,41,552 पानी के कंटेनरों में से 2,783 कंटेनरों में लार्वा मिला। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां 1,09,727 घरों की जांच के दौरान 957 घरों में लार्वा मिला, जबकि चेक किए गए 2,11,549 कंटेनरों में से 1,100 कंटेनर लार्वा से भरे पाए गए। टीमों ने इन सभी स्थानों पर लार्वा मौके पर नष्ट कर दिया है।
जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डॉक्टर ममता ने लोगों से अपील की है कि खतरा बढ़ने के कारण किसी भी तरह के बुखार को हल्के में न लिया जाए। यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार या शरीर में तेज दर्द होता है, तो वह तुरंत डेंगू की जांच करवाए। यह टेस्ट जिले के सभी आम आदमी क्लीनिकों और सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त किया जा रहा है।
डेंगू के लक्षण और बचाव के तरीके
सिविल सर्जन ने बताया कि अचानक तेज बुखार होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना या उल्टी आना और त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते पड़ना इसके प्रमुख लक्षण हैं। यह लक्षण सामने आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया जाए।
बचाव के लिए जरूरी सलाह
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि छतों पर पड़े पुराने टायरों, गमलों और कूलरों में पानी खड़ा न होने दें। हर शुक्रवार को 'ड्राई डे' के रूप में मनाते हुए कूलरों का पानी सुखाकर साफ करें। शरीर को ढकने वाले पूरी बांह के कपड़े पहनें और रात को मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली क्रीम का प्रयोग करें। बुखार होने पर खुद दवा लेने के बजाय सरकारी डॉक्टर की सलाह लें।
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