Edited By Kamini,Updated: 10 Aug, 2026 06:05 PM

पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने ‘आप’ सरकार द्वारा विधानसभा सत्र के अंतिम दिन एक ही दिन में लगभग 9 बिल लाकर उन्हें पास करवाने पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पंजाब की विधायी प्रणाली और लोकतंत्र का घोर अपमान करार दिया है।
पंजाब डेस्क : पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने ‘आप’ सरकार द्वारा विधानसभा सत्र के अंतिम दिन एक ही दिन में लगभग 9 बिल लाकर उन्हें पास करवाने पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पंजाब की विधायी प्रणाली और लोकतंत्र का घोर अपमान करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिन बिलों का पंजाब के लोगों के जीवन पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है, उन्हें विधायकों को पढ़ने, समझने, जांचने और विचार-विमर्श करने का समय दिए बिना पास करवाना कानून बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बहुमत के अहंकार का प्रदर्शन है।
ढिल्लों ने कहा कि विधानसभा का काम सरकार द्वारा लाए गए हर फैसले पर आंखें बंद करके मुहर लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बिल पर विस्तार से चर्चा, जांच-पड़ताल और जनहित में विचार करना है। उन्होंने सवाल किया कि यदि एक ही दिन में 9 बिल सदन में लाए जाएं और तुरंत पास कर दिए जाएं, तो कोई विधायक उनकी धाराओं को पढ़ेगा कब, समझेगा कब और अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ उस पर विचार-विमर्श कब करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा पंजाब के लोगों की आवाज है, किसी दिल्ली में बैठी लीडरशिप के फैसलों पर मुहर लगाने वाला कार्यालय नहीं है।
केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार में फैसले पंजाब में नहीं, बल्कि दिल्ली में तय होते हैं और यहां केवल उन्हें लागू करने की रस्म अदा की जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विधायकों को भी अपने ही राज्य से संबंधित कानूनों के बारे में पूरी जानकारी और चर्चा का अधिकार है, न कि बिना पढ़े सहमति देने के लिए मजबूर किया जाए। ढिल्लों ने ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून’ का हवाला देते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ‘आप’ सरकार ने महत्वपूर्ण कानून बनाने की प्रक्रिया को जल्दबाजी में निपटाने की कोशिश की हो। उन्होंने कहा कि इस कानून के मामले में भी बाद में सरकार के मंत्रियों और विधायकों द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब में यह स्वीकार किया गया था कि उन्होंने कानून को पूरी तरह पढ़े-समझे बिना अपनी सहमति दी थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक बार की गलती से सबक लेने के बजाय ‘आप’ सरकार ने उसी गलत परंपरा को अपने काम करने का तरीका बना लिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंतिम दिन बिलों की श्रृंखला लाकर बिना पर्याप्त चर्चा के उन्हें पास करवाना केवल विपक्ष के अधिकारों को ही नहीं, बल्कि पंजाब के हर नागरिक के जानने और समझने के अधिकार को भी कमजोर करता है।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि बहुमत का मतलब मनमानी करने का लाइसेंस नहीं होता। सरकार को मिला बहुमत जनता द्वारा दी गई जिम्मेदारी है, जिसका इस्तेमाल संवैधानिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ सरकार विधानसभा में अपने बहुमत का नाजायज फायदा उठाकर विधायी चर्चा, विपक्ष की भूमिका और लोकतांत्रिक जांच-पड़ताल को दरकिनार करने की कोशिश कर रही है। ढिल्लों ने कहा कि ‘आप’ सरकार का यह अहंकार पंजाब के लोगों से छिपा नहीं रहेगा और आने वाले विधानसभा चुनावों में पंजाब की जनता इसका लोकतांत्रिक जवाब देगी। पंजाब के लोग अब यह तय करेंगे कि राज्य दिल्ली के आदेशों पर नहीं चलेगा, बल्कि पंजाब अपने लोगों की आवाज के अनुसार चलेगा।
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