Edited By Urmila,Updated: 23 Aug, 2026 01:38 PM

पंजाब में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारतीय सेना ने बड़ा कदम उठाते हुए जालंधर कैंट में 11वीं वज्र कोर के तहत ‘बाज ड्रोन बटालियन’ की तैनाती की है।
जालंधर कैंट : पंजाब में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारतीय सेना ने बड़ा कदम उठाते हुए जालंधर कैंट में 11वीं वज्र कोर के तहत ‘बाज ड्रोन बटालियन’ की तैनाती की है। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नई यूनिट की जानकारी और तस्वीरें साझा की हैं। पंजाब में तैनात होने वाली यह अहम ड्रोन यूनिट सीमावर्ती इलाकों की निगरानी और ड्रोन आधारित सैन्य क्षमताओं को मजबूत करेगी।
इस नई यूनिट की मदद से पाकिस्तान सीमा से जुड़े पंजाब के इलाकों में निगरानी को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जाएगी। फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों में ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जालंधर की लोकेशन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्वदेशी ड्रोन के साथ अत्याधुनिक सिस्टम भी शामिल
बटालियन में भारत में विकसित ड्रोन के अलावा हेरॉन और हर्मीस जैसे आधुनिक ड्रोन सिस्टम भी शामिल किए गए हैं। यूनिट में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम तैनात है, जो ड्रोन से मिलने वाले डेटा की रियल टाइम प्रोसेसिंग और आधुनिक ड्रोन ऑपरेशंस को संभालने में सक्षम होगी।
फिरोजपुर से पठानकोट तक निगरानी पर फोकस
पंजाब का पाकिस्तान के साथ लगने वाला सीमा क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। फिरोजपुर और फाजिल्का सेक्टर से लेकर अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट तक सीमा पर ड्रोन गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही हैं। खासकर ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ सीमा पार से भेजे जाने के मामलों के चलते निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
जालंधर इन सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच अपेक्षाकृत केंद्रीय स्थिति में है। इसके अलावा यहां वज्र कोर का मुख्यालय और आसपास सैन्य वायु सुविधाएं मौजूद होने के कारण ड्रोन यूनिट के संचालन और कमांड-कंट्रोल में मदद मिलने की उम्मीद है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद ड्रोन वॉरफेयर पर बढ़ा जोर
हाल के सैन्य अभियानों में ड्रोन की बढ़ती भूमिका ने सेनाओं की रणनीति को भी प्रभावित किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पंजाब के कई इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद ड्रोन की निगरानी, उन्हें निष्क्रिय करने और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को लेकर भी फोकस बढ़ा है। नई ड्रोन बटालियन की जालंधर में तैनाती को इसी बदलते सुरक्षा माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे जालंधर से लेकर पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के विभिन्न सेक्टरों तक निगरानी और सैन्य प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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