Edited By Kamini,Updated: 27 Aug, 2026 05:47 PM

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर रेल मंडल द्वारा वीरवार को जारी प्रैस विज्ञप्ति में कहा कि मंडल रेलवे चिकित्सालय फिरोजपुर में पहली बार घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण होने वाले दर्द को नियंत्रित करने के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन की सुविधा उपलब्ध करने...
जैतो (रघुनंदन पराशर): उत्तर रेलवे के फिरोजपुर रेल मंडल द्वारा वीरवार को जारी प्रैस विज्ञप्ति में कहा कि मंडल रेलवे चिकित्सालय फिरोजपुर में पहली बार घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण होने वाले दर्द को नियंत्रित करने के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन की सुविधा उपलब्ध करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजना सहगल के नेतृत्व में मंडल चिकित्सालय में यह आधुनिक सुविधा की शुरुआत कराई गई है। अर्थोसर्जन डॉ. अमित शेरसिया ने बताया कि यह तकनीक विशेषकर उन मरीजों के लिए लाभदायक है, जिनके घुटने 40-50 वर्ष की कम उम्र में ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण खराब हो जाते है और इस कम उम्र में घुटना बदलना ठीक नहीं होता या वो मरीज जो घुटना बदलवाना नहीं चाहते। इसके अलावा, जिन मरीजों को घुटना बदलने की सर्जरी की आवश्यकता है, लेकिन चिकित्सकीय कारणों से वे फिलहाल सर्जरी नहीं करा सकते, उनके लिए भी यह दर्द प्रबंधन का एक विकल्प है।
रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन में नियंत्रित रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा के माध्यम से दर्द पहुंचाने वाली नसों को निष्क्रिय किया जाता है। इससे दर्द में राहत मिलती है और मरीज की चलने-फिरने की क्षमता में सुधार होता है। इस प्रक्रिया में सामान्य एनेस्थीसिया व चीरा नहीं लगता, अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है, यह एक दिन की प्रक्रिया है, जिसमें मरीज को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है और मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं। फिरोजपुर मंडल द्वारा आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपनाते हुए रेल कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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