किसानों ने लाॅकडाउन के नियमों की पालना कर कायम की मिसाल

Edited By Mohit,Updated: 16 May, 2020 05:01 PM

farmers set an example by following the rules of lockdown

कोरोना महामारी में विभिन्न चुनौतियों के बावजूद किसानों ने गेहूं की कटाई से लेकर मंडियों में..............

चंडीगढ़ः कोरोना महामारी में विभिन्न चुनौतियों के बावजूद किसानों ने गेहूं की कटाई से लेकर मंडियों में लाने का काम स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की पालना कर मिसाल कायम की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) विश्वजीत खन्ना ने आज यहां बताया कि इस सीजन के दौरान राज्य की मंडियों में 135 लाख टन गेहूं आने के अनुमान में से अब तक 92 प्रतिशत अनाज की आवक हो चुकी है। मंडियों में अब तक 122.02 लाख टन गेहूं मंडियों में पहुँचा है, जिसमें से 121.85 लाख टन की खरीद की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि राज्य के कुल 22 जिलों में से 15 जि़लों में तो गेहूँ की 95 प्रतिशत खऱीद सफलतापूर्वक मुकम्मल हो चुकी है, जिनमें पठानकोट में 105 प्रतिशत, जालंधर (102 प्रतिशत), फरीदकोट, लुधियाना और बरनाला (99 प्रतिशत), संगरूर (97 प्रतिशत), होशियारपुर और एस.बी.एस. नगर (96 प्रतिशत) और फिरोजपुर में 95 प्रतिशत खऱीद हुई है। उन्होंने बताया कि मंडीबोर्ड द्वारा राज्य में अब तक आढतियों के द्वारा किसानों को 16.80 लाख पास जारी किए गए हैं। खन्ना ने बताया कि कोविड -19 की बन्दिशों के मद्देनजऱ राज्य सरकार ने खऱीद कार्य 30 मई तक जारी रखने का फैसला लिया था और यदि जरूरत पड़ी तो इसमें 15 जून तक विस्तार किया जा सकता है लेेकिन अब तक 92 प्रतिशत खरीद कार्य मुकम्मल हो जाने पर तसल्ली जाहिर करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि गेहूं की खरीद के 135 लाख टन के निश्चित लक्ष्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

राज्य के किसानों के योगदान की पूरी सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि लाकडाउन में खरीद कार्यों में किसानों द्वारा कारगर भूमिका निभाई गई, जिन्होंने गेहूं की कटाई और मंडियों में खरीद के मौके पर स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों का संजीदगी से पालन किया। किसानों ने भारत के बड़े खऱीद कार्यों में से एक माने जाने वाले इस पूरे ऑपरेशन के दौरान कोविड -19 के कठिन समय में भी केंद्रीय भंडार में विशाल योगदान दिया।

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