Edited By Kamini,Updated: 19 Sep, 2026 03:39 PM

घर आए करीब 25 हजार रुपये के बिजली बिल पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि डिपार्टमेंट ने 298 दिन की खपत को जोड़कर बिल बनाया है।
जीरकपुर (धीमान): जीरकपुर में बिजली बिल बनाने के सिस्टम को लेकर एक नया मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 16 की पार्षद किरणदीप कौर के पति सिमरन धोला ने अपने घर आए करीब 25 हजार रुपये के बिजली बिल पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि डिपार्टमेंट ने 298 दिन की खपत को जोड़कर बिल बनाया है। उनका आरोप है कि इसमें पहले माफ की गई यूनिट का हिसाब भी जोड़ा गया।
धोला ने कहा कि डिपार्टमेंट से बिल के बारे में जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि यह 298 दिन यानी करीब 10 महीने की खपत का बिल है। उनके मुताबिक, नवंबर से मार्च तक अलग-अलग बिलिंग पीरियड में उनका बिजली का खर्च 500 से 600 यूनिट के बीच रहा और उन्हें जीरो बिल आते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि गर्मियों में खपत बढ़ने के बाद पिछले महीनों की खपत को भी मौजूदा बिल में जोड़ दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 298 दिन की खपत को मिलाकर बिल बनाया गया है, तो हर बिलिंग पीरियड में मिली सब्सिडी का हिसाब कैसे लगाया गया। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट को बिल में दर्ज खपत और पुराने रिकॉर्ड की जांच करके बिल का पूरा हिसाब साफ करना चाहिए।
बिल ज्यादा लगे तो ऑफिस आकर चेक करवा सकते हैं: JE
इस बारे में संपर्क करने पर संबंधित JE आशीष कुमार ने कहा कि 298 दिन की खपत के हिसाब से करीब 25 हजार रुपये का बिल आना आम बात है। उन्होंने कहा कि अगर कंज्यूमर को लगता है कि बिल की रकम ज़्यादा है या हिसाब को लेकर कोई शक है, तो वह ऑफिस आकर बिल को पूरी तरह चेक करवाकर खुद को संतुष्ट कर सकता है।
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