Edited By Urmila,Updated: 05 Aug, 2026 12:18 PM

विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है।
जालंधर: विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के जालंधर जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 187.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। कार्रवाई की जद में दिल्ली, हरियाणा और गोवा में मौजूद आलीशान फार्म हाउस, विला और अन्य अचल संपत्तियां आई हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, पूरा मामला एक ऐसे कॉल सेंटर नेटवर्क से जुड़ा है, जहां बैठकर अमेरिकी नागरिकों को फोन किए जाते थे। आरोप है कि कॉल सेंटर कर्मचारी खुद को टेक्निकल सपोर्ट से जुड़े कर्मचारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उनकी निजी जानकारी हासिल कर उन्हें अमेरिकी टैक्स विभाग की कार्रवाई का डर दिखाया जाता था।
डराने के बाद पीड़ितों से रकम क्रिप्टो अकाउंट में ट्रांसफर करवाई जाती थी। ED की जांच में दावा किया गया है कि ठगी से जुटाए गए पैसों को कई स्तरों पर घुमाकर क्रिप्टो वॉलेट और शेल कंपनी के जरिए प्रॉपर्टी खरीदने में लगाया गया।
जांच में ‘Digikaps – The Future of Digital’ नाम के कॉल सेंटर का भी पता चला। ED के अनुसार यहां करीब 36 लोग काम करते थे और कुछ लोग पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रहे थे। आरोप है कि कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों से बड़ी रकम ऐंठी गई। मामले की शुरुआत CBI की FIR से हुई थी, जो अमेरिकी FBI से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज की गई थी। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।
जांच आगे बढ़ने पर ED ने जनवरी और फरवरी 2026 में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 13 ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरणों के अलावा करीब 34 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और अहम दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई।
ED के मुताबिक, अवैध कमाई को रियल एस्टेट में खपाकर दिल्ली, हरियाणा और गोवा में संपत्तियां बनाई गईं। इसी आधार पर एजेंसी ने PMLA के तहत करीब 187.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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