वड़िंग साहिब पार्टी के लिए समर्पित वर्करों को आपसे सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं: पार्षद पति इंदी

Edited By Kamini,Updated: 06 Aug, 2026 03:49 PM

councilor husband indi taunt on raja warring

आज आयोजित कांग्रेस की बैठक के दौरान अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।

लुधियाना (विक्की) : आज आयोजित कांग्रेस की बैठक के दौरान अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। बैठक के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब हाल में मौजूद पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के समर्थकों द्वारा ‘आशु- आशु’ के नारे लगाए गए तो प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने मंच से ही उनको आरएसएस के चमचे कहकर संबोधित किया और हाल से बाहर जाने बारे कहा। 

इसके बाद हॉल के अंदर और बाहर भारी हंगामा हुआ। इस दौरान पार्षद पति इन्द्रजीत इंदी और राजा वड़िंग के समर्थकों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। घटनाक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए इन्द्रजीत इंदी का गुस्सा फूट पड़ा।  इंदी ने कहा कि जो कार्यकर्ता सालों से पार्टी के प्रति वफादार रहे हैं और जिन्होंने कांग्रेस के लिए जेल तक काटी है आज उन्हें ही किनारे किया जा रहा है। इंदी ने सवाल उठाया कि जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए संघर्ष किया क्या उन्हें अब अपना वफादारी प्रमाण पत्र वडिंग से लेने की जरूरत है?

इंदी ने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर ही कुछ ऐसे लोग मौजूद हैं जो दूसरी राजनीतिक पार्टियों के साथ समझौता करके काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं पर विरोधी सरकारों के समय पर्चे दर्ज हुए और FIR हुई, लेकिन ना तो प्रदेश अध्यक्ष और ना ही जिला अध्यक्ष ने कभी फोन करके उनका हाल पूछा या समर्थन दिया। उन्होंने आशु का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे जेल में थे, तब राहुल गांधी ने तो आशु से बात भी की लेकिन मौजूदा प्रधान और अन्य ने उनका हाल तक जानने की कोशिश नहीं की। इंदी ने कहा कि उपचुनाव दौरान चुनाव अपने आप को पार्टी का वफादार होने के दावे करने वाले कुछ नेताओं ने कोग्रेस के खिलाफ मतदान करवाया।

इंदी ने बूथ स्तर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि जमीनी हकीकत जाने बिना सिर्फ बैनर और पोस्टर लगाकर दिल्ली तक झूठी रिपोर्ट भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में पार्टी को बचाना है तो हाईकमान को असल स्थिति देखनी होगी और समझौते की राजनीति करने वालों को पहचानना होगा। दूसरी ओर, इस पूरे हंगामे पर सफाई देते हुए प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि यह कांग्रेस का बूथ स्तरीय प्रोग्राम है जो पूरे पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है। कुलबीर सिंह जीरा द्वारा दिए गए बयान और चुनाव लड़ने के सवालों पर वड़िंग ने कहा कि वे कभी भी किसी चुनौती या लड़ाई से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किस नेता को किसके खिलाफ मैदान में उतारना है, इसका फैसला पार्टी हाईकमान करता है और हाईकमान का जो भी आदेश होगा, वे उसका पूरी तरह पालन करेंगे। 

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