Edited By Kalash,Updated: 18 Oct, 2026 05:43 PM

पंजाब में कैप्टिव पावर प्लांट चलाने वाले उद्योगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।
पंजाब डेस्क: पंजाब में कैप्टिव पावर प्लांट चलाने वाले उद्योगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार कैप्टिव पावर प्लांट चलाने वाले उद्योग जमा की गई बिजली किसी दूसरे उद्योग या थर्ड पार्टी को नहीं बेच पाएंगे। पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग द्वारा नियमों में किए गए संशोधनों के बाद यह बदलाव लागू किया गया है। इसे लेकर पावरकॉम के चीफ इंजीनियर दफ्तर से सर्कुलर जारी किया गया है जिसके अनुसार नए नियम 30 मई 2026 से प्रभावी हैं।
बता दें कि पंजाब में कई बड़े उद्योग अपनी बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए खुद के कैप्टिव पावर प्लांट चलाते हैं। इनमें मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां, चीनी मिलों के को-जेनरेशन प्लांट और अन्य बड़े संस्थान शामिल हैं और इनमें से कई इकाइयांधान की पराली, सौर ऊर्जा और बायोमास जैसे स्रोतों से बिजली पैदा करती हैं। इससे पहले ये उद्योग बैंकिंग सुविधा के तहत बची हुई बिजली को जमा करके बाद में इस्तेमाल करते थे या फिर दूसरे उद्योगों या बाहरी खरीदारों बिजली बेच देते थे। वहीं अब वह बिजली नहीं बेच पाएंगे।
नए नियमों का उद्देश्य बिजली बैंकिंग सुविधा का इस्तेमाल तय शर्तों के अनुसार करवाना और व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। कैप्टिव पावर प्लांट चलाने वाले उद्योगों को हर वित्तीय वर्ष के अंत में अपनी कैप्टिव स्थिति का विवरण देना होगा। उन्हें केंद्रीय बिजली नियमों के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। वही अगर कोई ऐसा नहीं करते तो इस्तेमाल की गई बिजली और जमा बिजली को सामान्य बिजली खपत के तौर पर माना जा सकता है। पावरकॉम द्वारा निगरानी की जाएगी कि उद्योगों द्वारा इन नियमों का पालन किया जाए। वहीं इस फैसले के बाद अब उद्योग बिजली बेचकर कमाई नहीं कर पाएंगे।
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