Edited By Kalash,Updated: 08 Sep, 2026 01:58 PM

कनाडा के कैलगरी शहर में साउथ एशियन समुदाय से जुड़ी जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने 15 आरोपियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं।
पंजाब डेस्क : कनाडा के कैलगरी शहर में साउथ एशियन समुदाय से जुड़ी जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने 15 आरोपियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। पुलिस का कहना है कि इन मामलों में कुल 16 लोगों को नामजद किया गया है और उनके खिलाफ 56 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि इनमें से कोई भी आरोपी कनाडा का नागरिक नहीं है। जांच एजेंसियों के अनुसार सभी आरोपी मूल रूप से पंजाब से संबंधित हैं और कनाडा में स्टूडेंट या वर्क वीजा के आधार पर रह रहे हैं। पंजाब में माता-पिता द्वारा अपनी जमीनें बेच कर और कर्ज लेकर बच्चों को बाहर भेजा जाता है पर वहां नौकरी न मिलने के कारण वह गैंगस्टरों आदि के निशाने पर आ जाते हैं और पैसे कमाने के चक्कर में युवा गलत रास्ते पर पड़ जाते हैं।
पुलिस के अनुसार 16 आरोपियों में से 15 को अदालत से जमानत मिल चुकी है वहीं एक आरोपी अभी भी हिरासत में है। इसके साथ ही एक अन्य आरोपी जरमनजीत सिंह (22) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। जमानत पर बाहर आए आरोपियों को लेकर पुलिस अधिकारियों ने चिंता जताते हुए आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें इन लोगों या उनके संभावित साथियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो वह पुलिस तक पहुंचाएं।
कैलगरी पुलिस द्वारा जारी तस्वीरों में रवजोत तूर (20), जसकरण सिंह उर्फ जस्सी बुट्टर (21), करणबीर सिंह उर्फ करण सिंह (21), अमनदीप सिंह उर्फ शिवा सिंह (21), अनुराग सिद्धू (21), इशानदीप सिंह (19), अमनदीप मल्ली (39), संदीप सिंह उर्फ हरमन गिल (32), दक्ष गौतम (25), आकाशदीप सिंह (19), गगनदीप सिंह उर्फ गग्गी सिंह/गुग्गी (29), प्रदीप सिंह (24), तरनवीर सिंह (24) और गुरकरण धालीवाल (21) शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपियों की तस्वीरें सामने आने से उनकी पहचान और संभावित गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस के इस कदम का समर्थन किया जा रहा है।
कैलगरी पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 के बाद शहर में जबरन वसूली से संबंधित 49 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें 19 मामलों में फायरिंग की घटनाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि हिंसक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन ओरियन' और 'ऑपरेशन आउटेज' के बाद हाल के महीनों में ऐसी वारदातों में कमी देखने को मिली है। पुलिस आरोपियों और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
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