पंजाब-चंडीगढ़ में सरकारी कामकाज ठप! दफ्तरों में  जाने से पहले पढ़ें...

Edited By Vatika,Updated: 08 Sep, 2026 10:28 AM

government work stalled in punjab and chandigarh

अपनी मांगों और सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताने के लिए पंजाब और चंडीगढ़ के सभी सरकारी कर्मचारी

चंडीगढ़: अपनी मांगों और सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताने के लिए पंजाब और चंडीगढ़ के सभी सरकारी कर्मचारी 8 सितंबर को पूर्ण काम बंद कर एक दिन की भूख हड़ताल कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी आज सरकारी काम करवाने के लिए जा रहे हैं तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।  इस बंद को सफल बनाने के लिए मोहाली स्थित वाई.पी.एस. चौक के पास पार्क में साझा कर्मचारी मंच पंजाब और पंजाब कर्मचारी-पेंशनर साझा फ्रंट की अगुवाई में अहम संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर चंडीगढ़ के सभी निदेशालयों, मोहाली के सभी सरकारी कार्यालयों, पंजाब सिविल सचिवालय और एफ.सी.आर. एसोसिएशन से जुड़ी विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने हिस्सा लिया और इस तीखे संघर्ष की रूपरेखा तैयार की।

कर्मचारी संगठनों ने सभी कर्मचारियों से की अपील
यह कार्रवाई लुधियाना में सहयोगी संगठनों के साथ हुई बैठक में लिए गए फैसलों के तहत शुरू की जा रही है। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि 8 सितंबर को चंडीगढ़ और मोहाली के सभी सरकारी कार्यालयों, सिविल सचिवालय तथा एफ.सी.आर. कार्यालयों में कर्मचारी अपने कार्यालयों में उपस्थित तो रहेंगे, लेकिन पूरी तरह काम बंद रखेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक कार्यालय में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि प्रतीकात्मक रूप से एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठेंगे।सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार के खिलाफ अपना रोष जताने के लिए काले कपड़े पहनकर या काले बैज लगाकर शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से प्रदर्शन करें। इस कार्रवाई को सफल बनाने और कर्मचारियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। इस संघर्ष को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की एक विशेष टीम का गठन भी किया गया है। यह टीम हड़ताल वाले दिन विभिन्न कार्यालयों का दौरा कर कार्रवाई की समीक्षा करेगी और कर्मचारियों का हौसला बढ़ाएगी।कर्मचारी संगठनों ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के टकराव, उकसावे या अनुशासनहीनता से बचते हुए एकता का परिचय दें और सोशल मीडिया के माध्यम से इस संघर्ष की आवाज को बुलंद करें। साझा मंच की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यह लड़ाई पूरे कर्मचारी वर्ग के सम्मान, स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी पूरी एकता और दृढ़ संकल्प के साथ इस पूर्ण बंद का हिस्सा बने।

मंत्री अमन अरोड़ा की चेतावनी
दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हड़ताल के कारण आम जनता को परेशानी हुई तो सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता छोड़कर बातचीत के जरिए अपने मुद्दों को हल करने की अपील की है।

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