Edited By Vatika,Updated: 01 Sep, 2026 11:21 AM

खरड़ के नजदीकी गांव सिल में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी के मामले सामने आने से पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है
खरड़: खरड़ के नजदीकी गांव सिल में पशुओं में लंपी स्किन बीमारी के मामले सामने आने से पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। दूध उत्पादक सहकारी सभा सिल के प्रधान सुखदेव राज ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कई पशुओं, खासकर गायों में इस बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित पशु तेज बुखार और दर्द के कारण चलने-फिरने में भी असमर्थ हो रहे हैं। बीमारी के कारण दूध उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सुखदेव राज ने कहा कि पशु पालन विभाग की ओर से दूसरी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाता है, लेकिन लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिए समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने पशु पालन विभाग से गांव सिल और आसपास के इलाकों में तुरंत जांच करवाने, प्रभावित पशुओं का इलाज करने और जरूरत के अनुसार टीकाकरण सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीमारी को दूसरे पशुओं में फैलने से रोकने के लिए गांव स्तर पर पशुओं की जांच और संक्रमित पशुओं की निगरानी जरूरी है। उन्होंने विभाग से विशेष टीमें भेजकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
लंपी स्किन बीमारी के लक्षण
लंपी स्किन बीमारी की शुरुआत में पशु को तेज बुखार हो सकता है। इसके बाद उसकी त्वचा पर गांठ या निशान बनने लगते हैं, जो बाद में घाव का रूप ले सकते हैं। कुछ मामलों में पशु के मुंह से लार भी टपकने लगती है।
बचाव और उपचार
लंपी स्किन एक वायरल बीमारी है। संक्रमित पशुओं को दूसरे पशुओं से अलग रखना जरूरी है, ताकि बीमारी फैलने का खतरा कम हो। पशु मालिकों को पशु चिकित्सक की सलाह के बाद ही किसी दवा या वैक्सीन का इस्तेमाल करना चाहिए।