बसों की हड़ताल से पंजाब में सफर हुआ बेहाल, बस की खिड़की से लटकी महिलाएं

Edited By Kamini,Updated: 03 Aug, 2026 03:53 PM

bus strike disrupts travel in punjab

अपनी मांगों को लेकर पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन की ओर से एक बार फिर से हड़ताल का बिगुल बजा दिया गया है जिसके बाद सड़कों पर सरकारी बसों की आवागमन पर पूरी तरह से ब्रेक लग गई है।

अमृतसर (सुमीत): अपनी मांगों को लेकर पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन की ओर से एक बार फिर से हड़ताल का बिगुल बजा दिया गया है जिसके बाद सड़कों पर सरकारी बसों की आवागमन पर पूरी तरह से ब्रेक लग गई है। वहीं दूसरी ओर इस ब्रेक का सीधा असर आम जन जीवन पर पड़ता दिखाई दिया। फ्री सफर का आनंद लेने वाली महिलाओं को इसका सीधा असर देखने को मिला। अगर अमृतसर का जिक्र करें तो अमृतसर-1 व अमृतसर-2 डिपो की कुल मिलाकर 170 बसें बंद रही। उनकी जगह बात करें सवारियों को लाने और ले जाने का दरोमदार पूरी तरह से पक्के ड्राइवर के हाथों में था जिनकी संख्या  20 के करीब हे।

रोड कर्मचारियों ने सरकार पर निकली पूरी भड़ास, जमकर की नारेबाजी

बसों का स्टेरिंग सामने वाले हाथ आज विरोध की तख्तियां उठाए हुए थे और जमकर नारेबाजी कर रहे थे। ऐसा ही कुछ नजर रोडवेज डिपो में देखने को मिला जहां पर पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के कर्मचारियों ने सरकार विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के ज्वाइंट सचिव जोध सिंह ने कहा कि जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि स्टेट कमेटी की सरकार व मैनेजमेंट के बीच सुबह 10 बजे मीटिंग हुई है, जिसमें कुछ मांगों पर सहमति बनने बारे पता चला है। लेकिन स्टेट कमेटी ने लिखित नोटीफिकेशन जारी न होने तक हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है।

उम्मीद है कि शाम तक नोटीफिकेशन जारी हो जाएगा। इस अवसर पर अमृतसर-1 डिपो के प्रधान हीरा सिंह, अमृतसर-2 डिपो के महासचिव जुगराज सिंह, कैशियर प्रेम सिंह, कैशियर कुलजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में पनबस कर्मी उपस्थित रहे। वह मांगो की बात करें यूनियन की ओर से मुख्य रूप से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग, बराबर वेतन की मांग के अलावा विभाग में ठेकेदारी प्रणाली को पूर्ण रूप से समाप्त करना के अलावा विभाग में जल्द से जल्द नई बसों को लाना और जिलों में बंद उनके साथियों की तुरंत रिहाई ऐसी प्रमुख मांगे हैं जिनके चलते आज रोडवेज यूनियन में हड़ताल की।

लोकल रूट पूरी तरह ठप: 

विभाग की ओर से लोकल रोड की बसों को बंद करके इनको लॉन्ग रूट पर डायवर्ट कर दिया गया ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। हड़ताल  के चलते मुख्य रूप से लोकल रूट-अटारी, खेमकरन, डेरा बाबा नानक, फतेहगढ़ चूड़ियां रोड, वैरोवाल, भिक्खीविंडआदि पूरी तरह ठप रहे, जबकि जालंधर, लुधियाना, अंबाला, चंडीगढ़, जम्मू, पठानकोट, ऋषिकेश, पिहोवा, माता चिंतपूर्णि, डल्होजी, बरनाला, बठिंडा सहित 25 रूट बुरी तरह प्रभावित रहे। हालांकि यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर स्थाई स्टाफ की तरफ से सरकारी बसें दौड़ाने की कमान संभाली गई, मगर वे बसें नाकाफी साबित हुईं। वही बात कर तो अमृतसर से जालंधर के रूट पर बसों का आवागमन सुनिश्चित किया गया।

टिकट लेने के लिए नहीं निकले थे पैसे: 

आज बस स्टैंड का नजारा कुछ ऐसा दिखाई दे रहा था कि लोगों के पास टिकट तक खरीदने के लिए पैसे नहीं थे मुख्य रूप से महिलाओं को ऐसी समस्या से दो-चार होना पड़ा क्योंकि आधे से ज्यादा ऐसी महिलाएं थीं जिनको पहले नहीं पता था कि रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर जा चुके हैं जिसके चलते वह पैसे तक लेकर नहीं आई थी, ताकि वह प्राइवेट बसों की टिकट खरीद कर सफर कर सकें।

जालंधर बस स्टैंड पर महिलाएं परेशान

वहीं बात करें तो जालंधर बस स्टैंड पर महिलाओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते महिलाएं बस स्टैंड में उमस भरी गर्मी के बीच पसीने से तरबतर नजर आई। यहां एक सरकारी बस के आते ही महिलाओं भीड़ बस में चढ़ने के लिए टूट पड़ी। हालात तो ऐसे हो गए कि महिलाएं बस के दरवाजों पर लटक गई। आपको बता दें कि,  पंजाब के अलावा ये बसें दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक चलती है।  इस दौरान 1000 से ज्यादा रूट प्रभावित हुए। 

रोजाना सफर करने वालों दिक्कत

बसों की हड़ताल के चलते स्टूटेंड और नौकरी करने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। खास कर नौकरीपेश लोग, छात्रों और अन्य राज्यों में आने-जाने वालों को यात्रियों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 

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