Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Oct, 2026 08:47 PM

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पंजाब में नशे, गैंगस्टरों और अंतरराष्ट्रीय हथियार गिरोहों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है। जाखड़ ने अपने पत्र में कुछ...
चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पंजाब में नशे, गैंगस्टरों और अंतरराष्ट्रीय हथियार गिरोहों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है। जाखड़ ने अपने पत्र में कुछ घटनाओं का विशेष रूप से जिक्र करते हुए उनकी कड़ियों को जोड़ा है। उनका आरोप है कि ये घटनाएं इस काले कारोबार को मिल रहे सरकारी संरक्षण की ओर इशारा करती हैं।
पहली घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि बठिंडा जिले के थाना नथाना में वर्ष 2023 के दौरान कुछ व्यक्तियों से चार किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी। जांच के दौरान पता चला कि यह हेरोइन फिरोजपुर जेल में बंद हैरी नाम के एक आरोपी ने मंगवाई थी। हैरी पर हत्या का आरोप था और वह 20 वर्ष की सजा काट रहा था। उसके खिलाफ सात अन्य मामले भी दर्ज थे।
जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार में बैठे लोगों ने फाजिल्का के एसएसपी और डीसी की मिलीभगत से हैरी को जनवरी 2024 में पैरोल दिलवाई और फिर उसे दुबई भगा दिया। उनके अनुसार, हैरी अब दुबई में बैठकर अबोहर से लुधियाना तक नशे, फिरौती और गैंगस्टरों का कारोबार चला रहा है, जबकि पंजाब सरकार उसकी फाइल बंद कर चुकी है।
एक अन्य मामले का हवाला देते हुए सुनील जाखड़ ने लिखा कि पंजाब सरकार की एंटी-ड्रोन यूनिट के सिपाही करम सिंह को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है और उसके पास से 25 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि करम सिंह ने ऐसी 24 अन्य डिलीवरी मंगवाने की बात भी बताई है। जाखड़ के अनुसार, ये लोग पाकिस्तान से सिर्फ हेरोइन ही नहीं, बल्कि हथियार भी मंगवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से पता चलता है कि इन मामलों में पाकिस्तान के साथ हथियारों और नशे के लेन-देन के साथ-साथ नशे और फिरौती के अपराध भी जुड़े हुए हैं।
जाखड़ ने कहा कि इन दोनों घटनाओं की राष्ट्रीय जांच एजेंसी से समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान से हथियार और नशा आने का यह मामला देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि इसकी गंभीरता से जांच हो, तो इस गिरोह में शामिल अन्य महत्वपूर्ण लोगों का भी पता चल सकता है।