पंजाब के राशन डिपो को लेकर बड़ी खबर, खड़ी हुई नई समस्या

Edited By Kamini,Updated: 13 Jun, 2026 03:29 PM

big news regarding punjab s ration depots

पिछले कई सालों से पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अलग-अलग पॉलिसी और स्कीम के तहत मिलने वाले सरकारी राशन को जरूरतमंदों में बांटकर और बचे हुए पैसे से अपने डिपो का खर्च चलाकर अपना गुजारा कर रहे सरकारी राशन डिपो...

तलवंडी भाई (पाल): पिछले कई सालों से पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अलग-अलग पॉलिसी और स्कीम के तहत मिलने वाले सरकारी राशन को जरूरतमंदों में बांटकर और बचे हुए पैसे से अपने डिपो का खर्च चलाकर अपना गुजारा कर रहे सरकारी राशन डिपो होल्डर आज तबाही के कगार पर बैठे हैं।

इस बारे में बात करते हुए कुछ डिपो होल्डर्स ने बताया कि एक समय था जब हमारे सरकारी राशन बांटने वाले डिपो से हर महीने जरूरतमंदों को चीनी, घी, दालें, कपड़ा और मिट्टी का तेल समेत कई तरह का घरेलू सामान मिलता था और उसके बांटने पर मिलने वाले कमीशन से हमारा गुजारा होता था, लेकिन अब कुछ समय से सरकार न तो हमें बांटने का पूरा राशन देती है और न ही केंद्र या राज्य सरकार द्वारा भेजे गए राशन को बांटने से होने वाले मुनाफे के हिसाब से कमीशन देती है और न ही हमें कोई सैलरी वगैरह देती है। पहले राशन कार्ड होल्डर्स को बांटने के बाद जो राशन बच जाता था, उसे बाजार में बेचकर डिपो होल्डर्स अपना सारा खर्चा निकाल लेते थे और ज्यादा कमाई भी करते थे और कई बड़े अधिकारियों को भी इसका हिस्सा मिलता था। 

लेकिन अब जब डिपो होल्डर्स को राशन का सामान भी नहीं मिल रहा है तो वे कार्ड होल्डर्स को क्या दें और बचा हुआ क्या बेचें? डिपो होल्डर्स ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि पंजाब सरकार ने APL या BPL के समय राशन कार्ड पर 2 रुपये प्रति किलो मिलने वाला गेहूं डिपो होल्डर्स को मुफ्त देने का इंतजाम किया है, लेकिन इससे डिपो होल्डर्स का भरोसा टूट गया है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले पंजाब के सभी डिपो होल्डर्स ने हड़ताल कर दी थी, जो करीब 3 महीने तक चली थी। जिसे देखते हुए उस समय के फूड सप्लाई मिनिस्टर ने चंडीगढ़ में सभी जिला प्रेसिडेंट से बात की थी और मौके पर ही यह मांग मान ली थी कि PUNSUP की तरफ से डिपो होल्डर्स को सामान की सीधी सप्लाई का कोई किराया नहीं लिया जाएगा और हर डिपो होल्डर को उसके हिस्से की सप्लाई भेजी जाएगी।

अब हालात यह हैं कि चीनी, केरोसीन और दूसरे राशन का कोटा पूरी तरह खत्म होने की कगार पर है और गरीबों में बांटे जाने वाले गेहूं की सप्लाई राशन डिपो पर कार्ड होल्डर्स के हिसाब से पूरी नहीं हो रही है और कंज्यूमर डिपो होल्डर्स से आकर लड़ते हैं कि तुमने गेहूं बाहर बेच दिया है। सभी डिपो होल्डर्स ने मांग की है कि लोगों को बांटने के लिए हर महीने राशन की पूरी सप्लाई भेजी जाए, ताकि सरकार की तरफ से फ्री में मिलने वाला ये नौकर भी अपनी रोजी-रोटी का काम जारी रख सकें।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!