Edited By Urmila,Updated: 05 Aug, 2026 02:51 PM

पंजाब के कर्मचारी लगभग सभी यूनियनों और संघर्ष कमेटियों की अगुवाई में 7 अगस्त की कर्मचारी रैली के लिए एकजुटता दिखा रहे हैं।
फाजिल्का (नागपाल) : पंजाब के कर्मचारी लगभग सभी यूनियनों और संघर्ष कमेटियों की अगुवाई में 7 अगस्त की कर्मचारी रैली के लिए एकजुटता दिखा रहे हैं। पंजाब सरकार द्वारा उनकी लंबे समय से लंबिंत मांगों को पूरा न किए जाने से राज्य के लाखों सरकारी और अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में भारी विरोध की लहर है। इस बारे में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के सीनियर नेता गुरप्रीत सिंह मंगवाल और गगनदीप सिंह भुल्लर ने एक प्रेस बयान में कहा कि पंजाब के सभी कर्मचारी लाखों की संख्या में 7 अगस्त की कर्मचारी रैली में शामिल होंगे।
कर्मचारियों का आरोप है कि पड़ोसी राज्यों और केंद्र सरकार के मुकाबले पंजाब के कर्मचारियों का 18 परसेंट महंगाई भत्ता अभी भी पेंडिंग है, जिसे जारी करने में सरकार लगातार देरी कर रही थी, लेकिन माननीय हाई कोर्ट ने 18 परसेंट डीए जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट का फैसला कर्मचारियों के हक में आने के बावजूद सरकार अब नए बहाने बना रही है। सरकार की तरफ से पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद इसे जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। अलग-अलग विभागों (जैसे एनएचएम, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर) में काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पूरे ग्रेड पर रेगुलर करने का मामला अभी भी पेंडिंग है।
6वें पे कमिशन का एरियर न देना और अलग-अलग अलाउंस न देना, नए भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए प्रोबेशन पीरियड के दौरान सिर्फ बेसिक पे देने की शर्त हटाने की मांग शामिल है। पीएएसएफ फेडरेशन के नेता सुखजिंदर सिंह फाजिल्का और स्टेट प्रेस सेक्रेटरी रविंदर शर्मा फाजिल्का का कहना है कि सरकार के साथ कई राउंड की बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है, जिसके चलते अब आर-पार के संघर्ष के तौर पर 7 अगस्त को बड़ी रैली की जा रही है। इस मौके पर हेल्थ डिपार्टमेंट के सीनियर कर्मचारी नेता गुरदेव सिंह ढिल्लों, विरसा सिंह पन्नू, मनजीत कौर गुरदासपुर, नरिंदर शर्मा फिरोजपुर, गुलजार खान, सुखविंदर डोडा और दूसरे नेता मौजूद थे।
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