Edited By Subhash Kapoor,Updated: 06 Oct, 2026 09:30 PM
चंडीगढ़ से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। सेक्टर-2 में CBI की टीम ने छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-2 की कोठी नंबर 50 में CBI की रेड चल रही है।
पंजाब डैस्क/चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में मंगलवार शाम उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पहुंची। इसके साथ ही CBI की अलग-अलग टीमें मोहाली और संगरूर में भी जांच के लिए पहुंचीं।
संगरूर में मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के घर पर तलाशी ली गई, जबकि मोहाली में उनके भाई के ठिकाने पर भी CBI की कार्रवाई हुई। यह पूरा घटनाक्रम मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े आरोपों की जांच से जुड़ा है। वहीं खबर मिली है कि सी.बी.आई. ने राजबीर घुम्मन सहित 6 लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर ली गई है।
मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से हुई थी। ED ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कुछ लोगों की मदद से ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर, नीतिगत फैसलों, CLU और सरकारी मंजूरियों से जुड़े मामलों में कथित तौर पर प्रभाव डाला जा रहा था।

ED की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
ED ने जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान पंजाब के DGP गौरव यादव को तीन पत्र भेजे थे। एजेंसी ने इन पत्रों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर FIR दर्ज करने की मांग की थी।
ED की जांच में नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए। एजेंसी का दावा था कि नितिन गोहल उन लोगों और मुख्यमंत्री के OSD के बीच कथित संपर्क सूत्र के तौर पर काम कर रहे थे, जो सरकारी काम करवाने के लिए संपर्क कर रहे थे।
जांच एजेंसी ने WhatsApp चैट और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड को भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया। ED के मुताबिक, इन बातचीत में सरकारी ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर, नीतिगत फैसलों और सरकारी दस्तावेजों से संबंधित चर्चाएं मिलीं।
तलाशी में कैश और डिजिटल रिकॉर्ड मिलने का दावा
ED की कार्रवाई के दौरान कुछ ठिकानों से दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिलने की बात कही गई थी। एजेंसी ने नितिन गोहल के ठिकाने से 20.98 लाख रुपये नकद बरामद होने का भी दावा किया था।
यह मामला सिर्फ ट्रांसफर-पोस्टिंग तक सीमित नहीं रहा। जांच का एक हिस्सा GMADA की जमीन, CLU, रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन की जांच से भी जुड़ा बताया गया। ED ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े कामों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।


FIR को लेकर पंजाब पुलिस और ED आमने-सामने
ED की ओर से बार-बार FIR दर्ज करने की मांग किए जाने के बावजूद पंजाब पुलिस की तरफ से OSD राजबीर सिंह घुम्मन के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।
5 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने मामले में CBI जांच का रास्ता साफ कर दिया। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
इसके बाद मंगलवार को CBI ने चंडीगढ़ स्थित CM कैंप ऑफिस के अलावा मोहाली और संगरूर में भी कार्रवाई शुरू कर दी।
सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची पंजाब सरकार
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सरकार की ओर से मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अर्जेंट सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की। कोर्ट की ओर से मामले को सुनने की बात बाद की तारीख के लिए कही गई।
अब CBI की कार्रवाई के बाद यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। जांच एजेंसी किन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेती है और आगे किन लोगों से पूछताछ होती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
फिलहाल अहम बात यह है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच CBI के हाथ में पहुंच चुकी है और मंगलवार को उसकी कार्रवाई सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े ठिकानों तक पहुंच गई।
वहीं पंजाब सी.एम. भगवंत मान ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने टवीट में कहा कि भाजपा ने पंजाब में चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। मेरे कैंप ऑफिस में CBI की रेड की गई है। अब पंजाब में ED और CBI का दुरुपयोग किया जाएगा, ताकि पंजाब सरकार और मुझे बदनाम किया जा सके। लोगों से मिल रहे प्यार को देखकर भाजपा घबराहट में है।



