Edited By Kamini,Updated: 05 Oct, 2026 12:41 PM

बच्चों को खिलौने की तरह मोबाइल देना आजकल के चलन में आम देखने को मिल रहा है।
जालंधर (पुनीत): बच्चों को खिलौने की तरह मोबाइल देना आजकल के चलन में आम देखने को मिल रहा है। बच्चों को खाना खिलाते समय या घर में कामकाज के वक्त व्यस्त रखने के लिए उनके हाथ में मोबाइल फोन थमा देना कई माता-पिता के लिए आसान तरीका बन गया है। बच्चा मोबाइल पर कार्टून, वीडियो या गेम में व्यस्त हो जाता है और परिजन अपना काम करते रहते हैं। लेकिन यही आदत कई बार परिवार को आर्थिक नुकसान तक पहुंचा सकती है।
मोबाइल इस्तेमाल करते समय बच्चे अनजाने में किसी ऐसे लिंक पर क्लिक कर सकते हैं, जो साइबर ठगों के लिए बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता बन जाए।
कई ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जिनमें बच्चे को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल फोन दिया गया था। इसी दौरान बच्चे ने मोबाइल स्क्रीन पर आए एक लिंक को दबा दिया। इसके बाद मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले संबंधित बैंक खाते से लाखों रुपए की राशि निकल गई। परिवार को खाते से रकम निकलने के बाद मामले का पता चला। ऐसी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों को मोबाइल देने के दौरान अभिभावक उनकी गतिविधियों पर कितनी नजर रखते हैं। यह भूल बैंक खाते की राशि को जीरो कर सकती है।
बताया जाता है कि मोबाइल फोन पर लगातार गेम खेलने, वीडियो देखने और मनोरंजन सामग्री देखने से बच्चों में फोन के प्रति निर्भरता बढ़ सकती है। बार-बार मोबाइल मांगना, मोबाइल न मिलने पर चिड़चिड़ापन और पढ़ाई या अन्य गतिविधियों में मन न लगना इसके संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल का समय तय करना चाहिए और उन्हें खेलकूद व अन्य गतिविधियों के लिए भी समय देना चाहिए।
बच्चों की पसंद के वीडियो के बीच पहुंच रहे संदिग्ध लिंक
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार साइबर ठग अब बच्चों की मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत का भी फायदा उठा रहे हैं। बच्चों को पसंद आने वाले कार्टून, वीडियो, गेम और मनोरंजन सामग्री के बीच ऐसे लिंक दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें देखकर बच्चा बिना सोचे उन पर क्लिक कर देता है। कई बार लिंक को गेम से जुड़ी सुविधा, इनाम या वीडियो देखने के अगले चरण के रूप में दिखाया जाता है। बच्चे खतरे को समझे बिना लिंक दबा देते हैं और यही छोटी सी गलती परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।
बैंकिंग वाले फोन से बच्चों को रखें दूर
विशेषज्ञों का कहना है कि उस मोबाइल फोन को बच्चों के हाथ में देने से बचना चाहिए, जिसमें बैंकिंग एप, भुगतान की सुविधा या खाते से संबंधित संवेदनशील जानकारी मौजूद हो। वहीं, बच्चों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने और किसी भी पॉपअप या संदेश को देखकर तुरंत माता-पिता को बताने की आदत डालनी चाहिए।
कुछ मिनट की व्यस्तता पड़ सकती है भारी
बच्चों को कुछ मिनट शांत रखने या खाना खिलाने के लिए मोबाइल देना कई घरों में आम बात बन चुकी है। माता-पिता को लगता है कि बच्चा वीडियो या गेम में व्यस्त है, इसलिए वह सुरक्षित है। लेकिन मोबाइल स्क्रीन पर बच्चे की हर गतिविधि पर नजर न होने के कारण एक गलत क्लिक भारी पड़ सकता है।
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