Edited By Kalash,Updated: 28 Sep, 2026 10:10 AM

घटिया एवं मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी वैसे तो बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन विभाग के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे खाद्य पदार्थ बेचने वाले शायद इन्हें नजर ही नहीं आते हैं।
जालंधर (रत्ता): घटिया एवं मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी वैसे तो बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन विभाग के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे खाद्य पदार्थ बेचने वाले शायद इन्हें नजर ही नहीं आते हैं। उल्लेखनीय है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के मुताबिक खाद्य पदार्थ बेचने वाला कोई भी दुकानदार पिसे हुए खुले मसाले नहीं बेच सकता लेकिन हैरानी की बात यह है कि होलसेल की मंडियों में कई ऐसा दुकानदार नहीं हैं जो सरेआम पिसे हुए मसाले खुले में न बेचता हो।
शहर के कई इलाकों में कुछ दुकानदारों ने तो सरेआम मसाले इत्यादि पीसने की चक्की भी लगा रखी है और ऐसे दुकानदार न केवल लोगों को मसाले पीस कर देते हैं बल्कि खुले हुए मसाले भी खुद बेचते हैं। यही बस नहीं महानगर में अलग-अलग दिनों में विभिन्न स्थानों पर लगने वाली सब्जी मंडी में भी कुछ फड़ी वाले विभाग के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए पिसी हुई हल्दी, मिर्च, मसाले इत्यादि सरेआम रखकर बेचते हैं लेकिन फिर भी फूड सेफ्टी विंग का अधिकारी एवं कर्मचारी उनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं करता।
गौरतलब है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के मुताबिक कोई भी पिसा हुआ मसाला बिना पैकिंग के नहीं बेचा जा सकता और पैकिंग के ऊपर भी मसाला बनाने वाली कंपनी का नाम तथा उसको बनाने एवं उसकी एक्सपायरी डेट लिखना भी अनिवार्य होता है। वैसे तो घटिया एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी टीम खाद्य पदार्थों के सैंपल भर्ती है लेकिन शायद यह महज खानापूर्ति के लिए किया जाता है क्योंकि भरे जाने वाले इन सैंपलों में से इक्का-दुक्का ही फेल जबकि बाकी अधिकांश सैंपल पास हो जाते हैं। इसके पीछे क्या कारण है यह तो स्वास्थ्य विभाग के फूड सी सेफ्टी विंग के अधिकारी ही जाने?
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