Edited By Kamini,Updated: 02 Nov, 2026 03:38 PM
बठिंडा नगर निगम की सोमवार को मेयर पदमजीत मेहता की अध्यक्षता में आयोजित जनरल हाउस की बैठक में शहर के विकास, कर्मचारियों के भविष्य और निगम की संपत्तियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
बठिंडा (विजय वर्मा): बठिंडा नगर निगम की सोमवार को मेयर पदमजीत मेहता की अध्यक्षता में आयोजित जनरल हाउस की बैठक में शहर के विकास, कर्मचारियों के भविष्य और निगम की संपत्तियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों को इनसोर्स करने, मॉल रोड की मल्टीस्टोरी पार्किंग का ठेका रद्द करने, ठेकेदार की 17.42 लाख रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने, सब्जी मंडी रोड को 80 फीट चौड़ा करने और विभिन्न वार्डों में 20 विकास कार्य करवाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक का सबसे अहम और भावनात्मक पहलू आउटसोर्स कर्मचारियों को इनसोर्स करने का प्रस्ताव रहा। जैसे ही हाउस ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कर्मचारी बैठक हॉल में पहुंचे और मेयर पदमजीत मेहता सहित सभी पार्षदों का फूलों की वर्षा कर आभार जताया। इस फैसले को निगम कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए दिवाली का बड़ा तोहफा माना जा रहा है। मेयर पदमजीत मेहता ने कहा कि कर्मचारियों से किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हाउस से प्रस्ताव पारित करवाने के बाद इसे पंजाब सरकार के पास भेजकर अंतिम मंजूरी दिलवाई जाएगी। उनका दावा है कि सरकार और निगम कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
178 कर्मचारियों के लिए खुलेगा इनसोर्स होने का रास्ता
पंजाब सरकार के 26 अगस्त 2026 के नोटिफिकेशन और पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) एक्ट 2026 के तहत नगर निगम ने कर्मचारियों की योग्यता जांचने के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने 24 सितंबर को बैठक कर विभिन्न विभागों से प्राप्त कर्मचारियों की हाजिरी, सेवा रिकॉर्ड और योग्यता की जांच की। एजेंडे में दी गई जानकारी के अनुसार, हाजिरी वाली श्रेणी के 44 कर्मचारियों में से 33 योग्य और 11 अयोग्य पाए गए। वहीं नॉन-हाजिरी श्रेणी में 460 कर्मचारियों का उल्लेख किया गया, जिनमें 178 योग्य और 268 अयोग्य पाए गए। योग्य कर्मचारियों में वित्त एवं लेखा, ओएंडएम, बागवानी, जनरल तथा वाटर सप्लाई एवं सीवरेज शाखा के कर्मचारी शामिल हैं। इन योग्य कर्मचारियों को आउटसोर्स से इनसोर्स करने के प्रस्ताव को हाउस ने मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि शेष कर्मचारियों के पांच साल की निर्धारित सेवा अवधि पूरी होने पर उनके लिए भी इस व्यवस्था का रास्ता आसान होगा।
97.79 लाख की बकाया राशि, पार्किंग ठेका रद्द करने का फैसला
नगर निगम ने मॉल रोड स्थित मल्टीस्टोरी कार पार्किंग के ठेकेदार के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। हाउस ने पार्किंग का ठेका रद्द करने और ठेकेदार की 17.42 लाख रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जानकारी के अनुसार, निगम ने यह ठेका गुरमेल सिंह विर्क को 21 जून 2023 से 20 जून 2028 तक 69.98 लाख रुपये सालाना की बोली पर दिया था। निगम का आरोप है कि ठेकेदार ने 10 अगस्त 2025 से पार्किंग की बकाया किस्तें जमा नहीं करवाईं। 10 अगस्त 2025 से 9 अक्टूबर 2026 तक बकाया राशि बढ़कर 97,79,588 रुपये हो गई।
निगम की ओर से कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। ठेकेदार ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। एजेंडे के अनुसार, अदालत की ओर से अभी तक कोई स्टे ऑर्डर जारी नहीं किया गया है। इसके चलते निगम ने ठेका रद्द करने और बैंक गारंटी जब्त करने का फैसला लिया है। अब देखना होगा कि निगम बकाया राशि की वसूली के लिए आगे क्या कार्रवाई करता है।
किरायेदारों को दुकानों का मालिक बनाने की तैयारी, कांग्रेस पार्षद ने किया विरोध
नगर निगम की किराये पर दी गई दुकानों को उनके मौजूदा किरायेदारों के नाम ट्रांसफर करने या बेचने से संबंधित प्रस्ताव भी हाउस में पारित किया गया। पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग की ओर से 9 अक्टूबर को भेजे गए पत्र के आधार पर पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर ऑफ म्यूनिसिपल प्रॉपर्टी एक्ट 2020 और नियम 2021 के तहत एसओपी लागू करने की समय-सीमा बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इस प्रस्ताव को लेकर कांग्रेसी पार्षद संदीप बॉबी ने विरोध जताया। इस पर मेयर पदमजीत मेहता ने पलटवार करते हुए कहा कि जब कांग्रेस सरकार के समय यह प्रस्ताव मंजूर किया गया था, तब इसका विरोध क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि आज जब आम व्यापारियों की मांग को देखते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है, तो कांग्रेस पार्षद इसका विरोध कर रहे हैं। प्रस्ताव की मंजूरी से दुकानदारों को भविष्य में अपनी दुकानों का मालिकाना हक मिलने की उम्मीद जगी है।
बाल्मीकि चौक से सब्जी मंडी तक 80 फीट चौड़ी होगी सड़क
शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बाल्मीकि चौक से सब्जी मंडी की ओर जाने वाली सड़क को करीब 80 फीट चौड़ा करने का प्रस्ताव भी मंजूर कर दिया गया। वर्तमान में इस सड़क की चौड़ाई लगभग 50 फीट है। निगम के अनुसार, सड़क के किनारे बने टिप्पर स्टैंड की चारदीवारी को करीब 30 फीट पीछे करके सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जा सकती है। इस कार्य पर आने वाले खर्च को भी हाउस ने मंजूरी दे दी है। यदि यह परियोजना जमीन पर उतरती है तो सब्जी मंडी की ओर जाने वाले वाहन चालकों को ट्रैफिक समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
20 विकास कार्यों पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
बैठक में वर्क्स ब्रांच की ओर से शहर के विभिन्न वार्डों में करवाए जाने वाले 20 विकास कार्यों के एस्टीमेट भी मंजूर किए गए। इनमें मॉडल टाउन में शौचालय ब्लॉक की मरम्मत पर 9.90 लाख रुपये, लाल सिंह बस्ती में इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने पर 44.48 लाख रुपये और संजय नगर में हॉल निर्माण पर 45.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा गुरु नानक नगर और गिल पट्टी की विभिन्न गलियों में इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने, मॉडल टाउन में टाइलें बिछाने तथा भग्गू रोड, पावर हाउस रोड और सिविल लाइंस में स्ट्रीट लाइटें लगाने के कार्य भी शामिल हैं।
शहर के व्यस्त एम्स चौक पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एआई कैमरा आधारित व्हीकल एक्टिवेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने के लिए 19.60 लाख रुपये का एस्टीमेट भी मंजूर किया गया। वहीं तहबाजारी शाखा में पहले से काम कर रहे पुराने लेबर कर्मचारियों की सप्लाई की अवधि एक साल बढ़ाने के लिए 12.68 लाख रुपये के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई। कुल मिलाकर, नगर निगम की इस बैठक में कर्मचारियों के भविष्य से लेकर शहर की सड़कों, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग ठेके और व्यापारियों के मालिकाना हक तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसले लिए गए। अब इन फैसलों की असली परीक्षा इनके धरातल पर लागू होने और शहरवासियों को मिलने वाले लाभ से होगी।