Edited By Kalash,Updated: 27 Jan, 2026 02:53 PM

आज देशभर में सरकारी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा एक दिवसीय हड़ताल की गई, जिसके चलते बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं।
जलालाबाद (सुमित/टीनू): आज देशभर में सरकारी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा एक दिवसीय हड़ताल की गई, जिसके चलते बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। इस हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) द्वारा किया गया था, जिसमें विभिन्न बैंक यूनियनें शामिल हैं।
हड़ताल के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक सहित कई अन्य सरकारी बैंकों की शाखाओं में कामकाज ठप रहा। बैंकों के काउंटर बंद रहने के कारण ग्राहकों को नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट और अन्य कार्यालयी कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि बैंकों में भी अन्य सरकारी विभागों की तरह पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाए, ताकि कर्मचारियों पर बढ़ते कार्य दबाव को कम किया जा सके। इसके अलावा यूनियनों ने खाली पदों को भरने, कर्मचारियों की सुरक्षा तथा बेहतर सुविधाएं देने की भी मांग रखी है।
हड़ताल के कारण शहरों और कस्बों में बैंकों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई लोग बैंक बंद होने के कारण निराश होकर वापस लौट गए। हालांकि बैंक प्रबंधन ने बताया कि एटीएम, यूपीआई, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिली।
ग्राहकों का कहना है कि लगातार छुट्टियों और अब हड़ताल के कारण उनके जरूरी वित्तीय काम रुक गए हैं। वहीं यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में और भी बड़े आंदोलन किए जा सकते हैं।
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