Edited By Vatika,Updated: 29 Nov, 2025 12:22 PM

सर्दी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग फाजिल्का द्वारा एडवाइजरी जारी सर्दी में बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का रखा जाए विशे...
फाजिल्का(लीलाधर): पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए डॉ. कविता सिंह सिविल सर्जन फाजिल्का ने सर्दी और सर्दी से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि सर्दी से बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती माताएं ज्यादा प्रभावित होती हैं, इसलिए इनका विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों और दिल के मरीजों को सुबह और देर शाम के समय ज्यादा ठंड और कोहरा होने के कारण सैर या घर से बाहर जाने से बचना चाहिए। छोटे बच्चों को इस मौसम में निमोनिया होने का ज्यादा खतरा रहता है और ठंड लगने से उल्टी, दस्त भी हो सकते हैं, इसलिए छोटे बच्चों को पूरी तरह से शरीर ढकने वाले गर्म कपड़े पहनाने के साथ सिर पर टोपी और हाथों-पैरों में दस्ताने-जुराबें पहनाई जाएं। बच्चों को नंगे पैर न चलने दिया जाए। सर्दी के मौसम में घरों में बंद कमरे में अंगीठी न जलाई जाए, क्योंकि आग जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जो कि हमारे लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी सीनियर मेडिकल अफसरों को सर्दी से पीड़ित लोगों के लिए जरूरी प्रबंध करने के लिए कह दिया गया है। सर्दी लगने से आमतौर पर जुकाम हो सकता है, बुखार हो सकता है या कंपकंपी आने का संकेत हो तो आपका शरीर तापमान खो रहा है। लंबे समय तक जुकाम रहने के कारण या ठंड के कारण हाथों/पैरों की उंगलियों, नाक या कानों के बाहरी तरफ काले छाले हो सकते हैं। ऐसी स्थितियों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जिला एपिडेमोलॉजिस्ट डॉ. सुनीता कंबोज ने लोगों को सलाह दी कि ज्यादा ठंड होने पर सुबह जल्दी घर से बाहर जाने से बचें। खासकर साँस, दमा और टी.बी. की बीमारी के मरीज अपना विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि खुराक में गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी, संतुलित आहार का सेवन किया जाए।
उन्होंने कहा कि सर्दी में एक से ज्यादा परतों वाले कपड़े पहने जाएं ताकि शरीर का तापमान सामान्य रहे। शरीर के तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए सेहतमंद भोजन खाना जरूरी है। विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खानी चाहिए। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए थोड़े-थोड़े समय या जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी पीया जाए।उन्होंने कहा कि घने कोहरे के कारण यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं से बचाव के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाए और अनावश्यक यात्रा को टाला जाए। इस समय मास मीडिया विंग से विनोद खुराना और दिवेश कुमार उपस्थित थे।