Edited By Subhash Kapoor,Updated: 14 May, 2026 10:59 PM

भाजपा नेता एडवोकेट सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने झूठी गारंटियों प्रचार आधारित राजनीति वित्तीय कुप्रबंधन और पूरी प्रशासनिक विफलता के जरिए कर्मचारियों पेंशनरों...
जैतो (रघुनंदन पराशर ): भाजपा नेता एडवोकेट सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने झूठी गारंटियों प्रचार आधारित राजनीति वित्तीय कुप्रबंधन और पूरी प्रशासनिक विफलता के जरिए कर्मचारियों पेंशनरों युवाओं और पंजाब के लोगों को धोखा दिया है। ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के लगभग तीन लाख कर्मचारी और चार लाख पेंशनर आज भी अपने लंबित महंगाई भत्ते की किश्तों और बकाया राशि का इंतजार कर रहे हैं जबकि आम आदमी पार्टी सरकार राज्य के असली संकटों से लोगों का ध्यान भटकाने में लगी हुई है।
ग्रेवाल ने कहा कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 30 जून तक लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लंबित डीए राशि जारी करने के निर्देश दिए थे लेकिन भगवंत मान सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने की बजाय एक बार फिर अदालत का दरवाज़ा खटखटाया।उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार का कर्मचारी विरोधी और पेंशनर विरोधी चेहरा अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है क्योंकि आज़ादी के बाद पहली बार कोई राज्य सरकार महंगाई भत्ता देने के प्रावधान को ही चुनौती दे रही है।
ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि अदालत में पंजाब सरकार ने यह दलील दी कि वह डीए बढ़ाने के लिए बाध्य नहीं है जिससे उसकी घमंडी असंवेदनशील और मजदूर विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है।ग्रेवाल ने कहा कि डीए कोई दान या राजनीतिक एहसान नहीं बल्कि उन कर्मचारियों और पेंशनरों का अधिकार है जिन्होंने दशकों तक ईमानदारी से पंजाब की सेवा की है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार बिना किसी बहाने देरी या कानूनी ड्रामे के सभी लंबित बकाया तुरंत जारी करे।उन्होंने आगे कहा कि जहां केंद्र सरकार के साथ-साथ हरियाणा चंडीगढ़ और राजस्थान में कर्मचारियों को लगभग 60 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है वहीं पंजाब सरकार के कर्मचारियों को अभी भी केवल लगभग 42 प्रतिशत डीए मिल रहा है जिससे आम आदमी पार्टी सरकार की वित्तीय बदहाली और गलत प्राथमिकताएं उजागर होती हैं।
ग्रेवाल ने कहा कि सत्ता में आने से पहले अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने रोजगार नौकरियों और जनकल्याण को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन आज बेरोजगार युवा संविदा कर्मचारी शिक्षक और सरकारी कर्मचारी अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने पर सड़कों पर उतरने और पुलिस कार्रवाई झेलने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब आम आदमी पार्टी सरकार का असली चेहरा देख रहे हैं जो भावनात्मक नारों और फर्जी गारंटियों के दम पर सत्ता में आई लेकिन कानून व्यवस्था रोजगार नशा नियंत्रण प्रशासन और आर्थिक प्रबंधन जैसे हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।
ग्रेवाल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता धमकियों डराने-धमकाने या राजनीतिक बदले की राजनीति से डरने वाले नहीं हैं और पंजाब के लोगों की सुरक्षा भारतीय जनता पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह आम आदमी पार्टी सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी है और विपक्षी दल के रूप में अपनी बची-खुची विश्वसनीयता भी खो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब को निडर निर्णायक और ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है और केवल भारतीय जनता पार्टी के पास ही राज्य के लोगों के जीवन संपत्ति और भविष्य की रक्षा करने की दृष्टि साहस और क्षमता है। भाजपा के शासन का उल्लेख करते हुए ग्रेवाल ने कहा कि जिस तरह भाजपा सरकारों के दौरान देश के कई हिस्सों में नक्सलवाद का सफाया किया गया उसी तरह पंजाब से भी गैंगस्टरवाद संगठित अपराध और ड्रग माफिया को सख्त और निडर कार्रवाई के जरिए जड़ से खत्म किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए ग्रेवाल ने कहा कि जिन लोगों ने दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेकर उसकी जानकारी सार्वजनिक की और इस तरह नैतिक रूप से उसकी हत्या के लिए जिम्मेदार बने, वही लोग आज दिलजीत दोसांझ को निशाना बनाकर राष्ट्रवाद और देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को दूसरों को ज्ञान देने से पहले अपनी विफलताओं को ठीक करना चाहिए। ग्रेवाल ने आगे आरोप लगाया कि आगामी नगर निकाय चुनावों में हार के डर से पंजाब सरकार और राज्य चुनाव आयोग ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर के जरिए चुनाव करवाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि परिणामों में हेरफेर किया जा सके जैसा कथित तौर पर पंचायत चुनावों के दौरान देखने को मिला था। उन्होंने कहा कि पिछले नगर निकाय चुनाव सफलतापूर्वक ईवीएम के जरिए कराए गए थे और अब व्यवस्था बदलने का कोई औचित्य नहीं है सिवाय इसके कि सत्ताधारी पार्टी के भीतर राजनीतिक असुरक्षा और हार का डर है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में आम आदमी पार्टी को लोकतंत्र को हाईजैक करने उसमें हेरफेर करने या उसे बर्बाद करने की कभी अनुमति नहीं देगी।