Edited By Urmila,Updated: 09 Mar, 2026 04:30 PM

पंजाब में बजट सेशन के दौरान चंडीगढ़ में अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज के मामले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है।
मोगा (गोपी, कशिश) : पंजाब में बजट सेशन के दौरान चंडीगढ़ में अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज के मामले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। इस घटना से गुस्साए गाडा पंजाब के डायरेक्टर और बाघापुराना विधानसभा क्षेत्र के कोऑर्डिनेटर जसविंदर सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। जसविंदर सिंह सिद्धू, जो एलिमेंट्री टीचर्स यूनियन के प्रधान भी रह चुके हैं, ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की शह पर पुलिस ने अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों पर जुल्म किया है, जो बहुत निंदनीय है। इस वजह से वह अब आम आदमी पार्टी से जुड़ा कोई भी पद संभालना ठीक नहीं समझते।
उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करने समेत कई वादे किए थे और दीवारों पर बोर्ड लगाकर इसका खूब प्रचार भी किया गया था, लेकिन सरकार बनने के बाद भी ये वादे पूरे नहीं हुए हैं। सिद्धू ने आरोप लगाया कि सरकार हर कदम पर झूठ बोल रही है और कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब वह सरकार की झूठी बातों के लिए उसकी तारीफ नहीं कर सकते। इसलिए वह आज के बाद आम आदमी पार्टी की किसी भी एक्टिविटी में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि कर्मचारियों के हक के लिए चल रहे संघर्ष में वह पहले की तरह अपना सपोर्ट देते रहेंगे। जसविंदर सिद्धू के इस्तीफे के साथ ही बाघापुराना हलके की सियासत में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और इस मामले को लेकर अलग-अलग सियासी प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं।
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