HDFC बैंक के 'परिवर्तन' से पंजाब में 37 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ

Edited By Ramkesh,Updated: 25 Aug, 2026 08:33 PM

hdfc bank s parivartan initiative has benefited over 3 7 million people in pun

एचडीएफसी बैंक के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सी.एस.आर.) कार्यक्रम 'परिवर्तन' ने पंजाब में अब तक 37 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। वर्ष 2015 से राज्य में सक्रिय यह कार्यक्रम पंजाब के 23 में से 21 जिलों में विभिन्न विकास...

जालंधर: एचडीएफसी बैंक के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सी.एस.आर.) कार्यक्रम 'परिवर्तन' ने पंजाब में अब तक 37 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। वर्ष 2015 से राज्य में सक्रिय यह कार्यक्रम पंजाब के 23 में से 21 जिलों में विभिन्न विकास परियोजनाएं चला रहा है। इनमें फिरोजपुर और मोगा के आकांक्षी जिलों के साथ दो आकांक्षी ब्लॉक भी शामिल हैं। 'परिवर्तन' के तहत ग्रामीण विकास, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका, स्वास्थ्य एवं सुवच्छता, वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को प्रमुख क्षेत्र बनाया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को मजबूत करना है।

किसानों और गांवों पर फोकस
मोगा, फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर और पटियाला में ग्रामीण विकास परियोजनाओं के तहत किसानों को सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य प्रशिक्षण, मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सैंटर और तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा दी जा रही है। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए जसजीत कत्याल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट I क्षेत्रीय प्रमुख रिटेल ब्रांच बैंकिंग, सी.एस. आर. हैड नुसरत पठान व मनमीत कालिया सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जोनल प्रमुख रिटेल ब्रांच बैंकिंग।

शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा
अमृतसर, फरीदकोट, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और पठानकोट में स्कूलों के आधुनिकीकरण पर काम किया गया है। 13 से अधिक जिलों में डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम के तहत आईसीटी प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं और विज्ञान-तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे करीब 10,500 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। गांवों में सौर ऊर्जा आधारित जल शोधन, स्ट्रीट लाइट, कोल्ड स्टोरेज और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी जोर 
मोहाली और लुधियाना में युवाओं को बैंकिंग, आई.टी., स्वास्थ्य, खुदरा और मीडिया क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं बरनाला और मोगा में' प्रोजैक्ट स्त्री' के माध्यम से महिला किसानों को संगठित कर उनकी आय के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी जोर को मजबूत किया गया है, जबकि मोगा अमृतसर में कैंसर उपचार सुविधाओं में मोबाइल चिकित्सा इकाई और पठानकोट में विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए उपचार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। संगरूर और लुधियाना में फसल अवशेष प्रबंधन तथा कई जिलों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए पर्यावरण संरक्षण पर भी काम हो रहा है। एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में देशभर में सी.एस.आर. गतिविधियों पर 1,316 करोड़ रुपए खर्च किए।

एचडीएफसी बैंक की सी.एस.आर. हैड नुसरत पठान ने कहा, "एचडीएफसी बैंक में हमारा मानना है कि सी.एस. आर. एक जैसा तरीका नहीं है जो सबके लिए हो। परिवर्तन के जरिए हम जरूरत के हिसाब से ऐसे काम करते हैं जो हर इलाके की खास चुनौतियों का जवाब देते हैं। पंजाब में हमारा काम इसी सोच को दिखाता है, जिसमें किसानों को सस्टेनेबल खेती में मदद और करने से लेकर शिक्षा, स्किलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना शामिल है। हम सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर लंबे समय तक चलने वाला असर डालने में एक छोटी-सी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।"

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