शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कंबाइनों से धान की कटाई पर प्रतिबंध, आदेश लागू

Edited By Kalash,Updated: 17 Sep, 2026 05:50 PM

ban on paddy harvesting using combine harvesters from 6 to 10

डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मैजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला मोगा की सीमा के भीतर शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कंबाइनों से धान की कटाई पर प्रतिबंध लगाया है।

मोगा (गोपी राऊके, कशिश): डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मैजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला मोगा की सीमा के भीतर शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कंबाइनों से धान की कटाई पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे से पहले धान की फसल पर ओस की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण फसल में नमी बढ़ जाती है और दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसी तरह शाम 6 बजे के बाद ओस पड़ना शुरू हो जाती है, जिससे देर शाम या रात के समय की जाने वाली कटाई के दौरान फसल में नमी बढ़ने की संभावना रहती है। अधिक नमी वाला धान मंडियों में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं होने के कारण उसकी खरीद में परेशानी पैदा कर सकता है।

जिला मैजिस्ट्रेट ने पंजाब सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग तथा नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की हिदायतों के मद्देनजर धान की पराली में रीपर चलाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, जिन किसानों द्वारा धान की पराली की गांठें बनवाकर उसका संरक्षण किया जाता है, उन्हें इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। सेतिया ने कहा कि धान की कटाई के तुरंत बाद रीपर के माध्यम से पराली की अवशेष सामग्री काटकर बाद में उसे आग लगाने से बड़ी मात्रा में धुआं और वायु प्रदूषण पैदा होता है।

धुएं के कारण सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ता है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पराली जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति को भी नुकसान पहुंचता है तथा आग से आसपास के खेतों में खड़ी फसलों और पेड़ों को नुकसान होने की संभावना रहती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जिला प्रशासन द्वारा जारी हिदायतों का पालन करते हुए निर्धारित समय के दौरान ही धान की कटाई करें और पराली को आग लगाने से पूरी तरह परहेज करें। ये दोनों आदेश 14 नवम्बर 2026 तक लागू रहेंगे।

मोगा जिले में सुपर एस.एम.एस. के बिना कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर प्रतिबंध 

धान की पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने तथा पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मैजिस्ट्रेट सागर सेतिया द्वारा जिले में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमैंट सिस्टम (सुपर एस.एम.एस.) के बिना कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेशों के अनुसार कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर मालिक सुपर एस.एम.एस. प्रणाली लगाए बिना अपनी कंबाइन नहीं चला सकेगा और सुपर एस.एम.एस. के बिना धान की कटाई नहीं की जा सकेगी।

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