घुटने बदलने के लिए काफी कारगर साबित हो रही है रोबोटिक तकनीक : डा. शुभांग अग्रवाल

Edited By Bhupinder Ratta,Updated: 24 Feb, 2020 08:47 AM

robotic technique very effective for knee replacement dr shubhang aggarwal

एन.एच.एस. अस्पताल में आयोजित की गई रोबोटिक नी रिप्लेसमैंट लाइव सर्जरी वर्कशॉप

जालंधर(रत्ता): एन.एच.एस. (नासा एंड हब सुपरस्पैशएलिटी) अस्पताल नजदीक कपूरथला चौक में रविवार को रोबोटिक नी रिप्लेसमैंट लाइव सर्जरी वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें 3 रोगियों के रोबोटिक तकनीक से घुटने बदले गए और इनका सीधा प्रसारण अस्पताल के ऑडीटोरियम में बैठे डाक्टर्ज ने देखा। 

अस्पताल के डायरैक्टर एंड आर्थोपैडिक विभाग के प्रमुख आर्थोपैडिक एंड ज्वाइन रिप्लेसमैंट सर्जन डा. शुभांग अग्रवाल ने वर्कशॉप के शुरू में उपस्थिति का स्वागत किया व बताया कि रोबोटिक तकनीक घुटने बदलने के लिए काफी कारगर साबित हो रही है और इसके नतीजे बहुत अच्छे सामने आ रहे हैं। रोबोट से घुटना बदलने के आप्रेशन के दौरान जहां रोगी का रक्त ज्यादा नहीं बहता वहीं उसे अस्पताल में भी ज्यादा दिन तक दाखिल नहीं रहना पड़ता और वह आप्रेशन के 3 घंटे बाद चल सकता है।

डा. शुभांग अग्रवाल ने बताया कि दर्द रहित इस रोबोटिक तकनीक से घुटना बदलने के लिए हड्डी एवं घुटने के आसपास की मांसपेशियां को काटा नहीं जाता बल्कि सर्जिकल सिस्टम की सहायता से खराब हुए घुटने को साफ करके उस जगह को तराश कर वहां कृत्रिम घुटना लगा दिया जाता है। इस रोबोटिक तकनीक से घुटना बदलने का नतीजा इतना सटीक होता है कि घुटने का कृत्रिम जोड़ भी कुदरती जोड़ जैसे बन जाता है। इसके उपरांत जयपुर से आए रोबोटिक सर्जन डा. अनूप जुरानी, नागपुर से आए डा. मुकेश लाधा तथा डा. शुभांग अग्रवाल ने रोबोटिक तकनीक से 3 रोगियों के घुटने बदले और अस्पताल के ऑडीटोरियम में बैठे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर से आए डाक्टरों ने तीनों आप्रेशन अपनी आंखों से देखे। 

इस अवसर पर वरिष्ठ आर्थोपैडिक सर्जन डा. विजय पाल सिद्धू, डा. आर.आर. सग्गड़, डा. दिलबंस पंधेर, डा. दीपक जोशी, डा. सुधीर गर्ग, डा. जतिंद्र सिंगला, डा. ताहिर सहित कई डाक्टर उपस्थित थे।

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