SSP फिरोजपुर ने सबके सामने रखा पुलिस का चेहरा

Edited By Mohit,Updated: 16 Jun, 2019 05:03 PM

ssp firozpur

समाज में नशे के बढ रहे प्रचलन में पुलिस प्रशासन की भूमिका को एसएसपी फिरोजपुर संदीप गोयल ने एक पब्लिक मीटिंग दौरान सरेआम खोलकर रखा है परंतु क्या फाजिल्का जिले की पुलिस एसएसपी फिरोजपुर के बोलों पर अमल करेगी क्योंकि...............

जलालाबाद (सेतिया): समाज में नशे के बढ रहे प्रचलन में पुलिस प्रशासन की भूमिका को एसएसपी फिरोजपुर संदीप गोयल ने एक पब्लिक मीटिंग दौरान सरेआम खोलकर रखा है परंतु क्या फाजिल्का जिले की पुलिस एसएसपी फिरोजपुर के बोलों पर अमल करेगी क्योंकि जलालाबाद हलके की बात की जाए तो यहां निरंतर नशे के कारण नौजवानों की मौतों का सिलसिला जारी है व दूसरे ओर ऐसी घटनाओं में पुलिस हमेशा अपने पाले को बचाने के प्रयासों में रहती है जबकि गांवों के लोग सरेआम नशा बिकने की बात कहते हैं व पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे करते हैं।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले जिला प्रशासन व एसटीएफ के अधिकारियों द्वारा नशे के खिलाफ लोगों को जागरुक करने के लिए फिरोजपुर में सेमिनार लगाया गया था व पब्लिक ने पुलिस की नशे के सौदागरों के साथ मिलीभगत होने की बात कहकर जंमकर भडास निकाली थी जिसके बाद एसएसपी फिरोजपुर संदीप गोयल ने सेमिनार के दौरान अपने ही विभाग के अधिकारियों को लताडा व सुधरने की नसीहत दी। इस नसीहत के बाद एसएसपी हर ओर प्रशंसा हो रही है व दूसरे ओर इस बात की चर्चा भी जोरों पर है कि जिला फाजिल्का में आखिर पुलिस अधिकारी कब आम लोगों को पूर्ण विश्वास में लेंगे।

जलालाबाद हलके की बात की जाए तो महालम, काठगढ, ढंडिया, टिवाना, वैरोका, फलियावाला, घुबाया, सुखेरा बोदला, लमोचड व जलालाबाद की सलम बस्तियां में नशे का प्रचलन बढता जा रहा हे। चिट्टा व नशे की गोलियां धडल्ले से हो रही बिक्री नौजवानों को मौत के मूंह की ओर धकेल रही है व गत कुछ समय की बात की जाए तो दर्जनों नौजवान नशे के कारण मौत के मूंह में जा चुके है व ऐसे कई ओर मामले हैं जिनमें अभिभावकों ने डरते इसका खुलासा तक नहीं किया।

9 जून को खबर प्रकाशित होने के बाद कई मेडिकल की दुकानें अस्थाई तौर पर बंद
उल्लेखनीय है कि 9 जून को पंजाब केसरी में नशों के खिलाफ एक खबर प्रकाशित की गई थी व खासकर नशीली गोलियां बेचने वाले समगलरों को लेकर चर्चा की गई थी कि पुलिस सिर्फ नशीली गोलियों सहित पकडे जाने वाले व्यक्ति तक ही कार्रवाई सीमित रखती है जबकि नशा बेचने वाली जगह पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। इस खबर के बाद पुलिस के सीनियर अधिकारियों द्वारा नशे को लेकर संबंधित थानों में मुख्य हिदायत दी व नशे की बिक्री पर सख्त से रोक लगाने की बात हुई। इस खबर के बाद शहर व कई गांवों में शक्की मेडिकल की दुकानें बिना कारण बंद पडी है व लोगों को भी पता है कि यह मेडिकल की दुकानें क्यों बंद हुई है। 

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