सरकारी अस्पताल में अनियमितता का मामला उच्च अधिकारियों के दरबार पहुंचा

Edited By Sunita sarangal,Updated: 15 Oct, 2019 12:34 PM

irregularity in government hospital reached to higher officials

सिविल सर्जन संगरूर ने कार्रवाई का भरोसा दिया

मालेरकोटला(वरिन्द,यासीन): सरकारी अस्पताल की नुहार बदलने के लिए बीते दिनों सुर्खियों में रहे एस.एम.ओ. इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली के घेरे में उलझते नजर आ रहे हैं तथा अस्पताल में अनियमित कर्मचारियों से बदसलूकी, महिला स्टाफ की ह्रासमैंट के आरोपों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 

जबकि सांझी कर्मचारी संघर्ष कमेटी ने सेहत मंत्री पंजाब, डायरैक्टर, सिविल सर्जन संगरूर को पत्र में विस्तार से हर समस्या लिखकर निष्पक्ष जांच, इंसाफ व एस.एम.ओ. के खिलाफ सख्त कार्रवाई हेतु गुहार लगाई है। उधर मामले की सुनवाई व जांच हेतु पहुंचे सिविल सर्जन संगरूर राज कुमार ने मामला सुनने के पश्चात कार्रवाई का भरोसा दिया है। जबकि उक्त मौके पर शहर भर के दर्जनों दुकानदारों ने भी एस.एम.ओ. द्वारा लाखों रुपए का सामान अस्पताल में मंगवाने के बाद अदायगी नहीं करने की शिकायत की।
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सांझी कर्मचारी संघर्ष कमेटी द्वारा एस.एम.ओ. के विरुद्ध लगाए आरोप :

  • महिला स्टाफ नर्स को मैडीकल छुट्टी मांगने पर ह्रासमैंट व पिस्तौल दिखाना। 
  • स्टाफ नर्स द्वारा आईलैट्स हेतु छुट्टी मांगने पर बेहूदा हरकत करना। 
  • डी.एच.एस. कांट्रैक्ट स्टाफ नर्स को एक्सटैंशन व छुट्टी मांगने पर ह्रासमैंट, पिस्तौल दिखाना। 
  • मैडीकल काऊंसलर को जान से मारने की धमकी देना। 
  • मैडीकल काऊंसलर के खाते में डरा कर 5 हजार डलवाने व बाद में नकद लेना। 
  • मैडीकल काऊंसलर से निजी घरेलू कार्य करवाना। 
  • धोबी को धुलाई के दिए पैसों में से आधी रकम वापस लेना। 
  • एल.टी., रेडियोग्राफर, इलैक्ट्रीशियन को नौकरी से निकालने की धमकी देना। 
  • विवेकी ग्रांट से जैनरेटर हेतु आए साढ़े 5 लाख रुपए खुर्द-बुर्द करना। 
  • सफाई सेवकों को डी.सी. रेट अनुसार मान भत्ता नहीं देना व ठेकेदार से हिस्सा लेना। 
  • नौकरी से निकालने की धमकी देना। 
  • रैगुलर कर्मचारियों से 3 क्वार्टर खाली करवाना। 
  • कर्मचारियों को शांतिमय बैठक में पुलिस बुलाकर डराना। 
  • मरीजों की भलाई हेतु एकत्रित यूजर चार्ज के 4 लाख रुपए पुरानी बिल्डिंग की तोड़-फोड़ में बिना टैक्नीकल की सलाह लिए व्यर्थ करना तथा नया ओ.पी.डी. रास्ता बनाना, दफ्तरों में 3 ए.सी., 2 एल.ई.डी., 2 नए सोफे, 1 डिश, नया फर्नीचर लगाने पर 2 लाख रुपए बेबुनियाद खर्च करना।
  • जच्चा बच्चा विभाग की नई बिल्डिंग में दफ्तर बनाकर 2 ए.सी., 1 एल.ई.डी 40’’,1 वाईफाई इंटरनैट कनैक्शन लगवाना। नर्सिंग सिस्टर के क्वार्टर को खाली करवाकर कान्फ्रैंस रूम के नाम पर निजी रिहायश बनाना, बिजली चोरी करना तथा उसमें 2 बैडरूम, 1 ड्राइंग रूम, 1 रसोई के अलावा बिना मंजूरी के ‘डॉग रूम’ बनाना। जिसका सारा खर्च अस्पताल के यूजर चार्जिंग से करना तथा 3 निजी ए.सी. के साथ डॉग रूम में भी ए.सी. लगवाना शामिल है। इतना ही नहीं अस्पताल की ईंटें रिहायशी के पीछे लगवाने तथा 3 एल.ई.डी., 2 कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, 2 इंटरनैट कनैक्शन, 2 फास्ट-वे कनैक्शन, 1 इन्वर्टर, 2 फ्रिज, वाटर फिल्टर, 2 बैड, 2 कम्प्यूटर टेबल, घर का अन्य सामान आदि (लगभग 5 लाख की कीमत) भी सरकारी पैसे से खरीदा गया है। 
  • अस्पताल का कबाड़, बिल्डिंग मैटीरियल मलबा बेचा। 

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