Edited By Subhash Kapoor,Updated: 30 Mar, 2026 05:28 PM

भारत के लिए गर्व की बात है कि 59 वर्षीय गीतांजलि ओम प्रकाश को 27 मार्च 2026 को मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में Mrs International World Classic 2026 का ताज पहनाया गया। यह ऐतिहासिक जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार भारत ने यह...
अमृतसर : भारत के लिए गर्व की बात है कि 59 वर्षीय गीतांजलि ओम प्रकाश को 27 मार्च 2026 को मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में Mrs International World Classic 2026 का ताज पहनाया गया। यह ऐतिहासिक जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार भारत ने यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता है।
श्रीमती ओम प्रकाश ने प्रतियोगिता के हर चरण—पर्सनल इंटरव्यू, स्विमसूट राउंड, नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड और ईवनिंग गाउन राउंड—में शानदार प्रदर्शन किया। अपनी बेहतरीन प्रस्तुति, आत्मविश्वास और दमदार मौजूदगी से उन्होंने जजों को प्रभावित किया। उन्हें “Mrs Empowerment” का विशेष सम्मान और “Most Exotic National Costume” का खिताब भी मिला।
उनका सामाजिक मिशन खास तौर पर पिछड़े वर्गों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और युवा पीढ़ी के लिए कौशल आधारित अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। उनकी जिंदगी का सफर आसान नहीं रहा। 32 साल की उम्र में रूमेटाइड आर्थराइटिस के कारण वे कई महीनों तक बीमार रहीं। एक समय ऐसा भी आया जब दोबारा चलने की उम्मीद बहुत कम लगने लगी थी। लेकिन उन्होंने डर की जगह हिम्मत को चुना। इस अनुभव ने उन्हें यह सिखाया कि: “नाकामियां हमें परिभाषित नहीं करतीं, हमारी प्रतिक्रिया हमें परिभाषित करती है।”
आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर ताज पहनकर वे शक्ति, धैर्य और नई शुरुआत की मिसाल बन चुकी हैं। खासकर उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जिन्हें उम्र के आधार पर कम आंका जाता है। उनका संदेश बेहद प्रभावशाली है—अनुभव ही असली ताकत है और जिंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय अभी भी आ सकता है।
उनके शब्दों में: “आईना आईना दीवार पर, वह औरत कभी नहीं टूटती जो सीधे खड़े रहना चुनती है।” गीतांजलि ओम प्रकाश की यह जीत सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि एक आंदोलन है—यह याद दिलाती है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और सपने कभी पुराने नहीं होते। भारत अपनी इस रानी का जश्न मना रहा है।
