Viral Reels को लेकर इंस्पेक्टर राणा यादविंदर के खिलाफ शिकायत, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए सवाल

Edited By Kamini,Updated: 26 Aug, 2026 02:11 PM

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पंजाब सरकार के शीर्ष अधिकारियों और पुलिस उच्चाधिकारियों को एक औपचारिक शिकायत सौंपी गई है।

जालंधर: जालंधर कमिश्नरेट के थाना डिवीजन नंबर 5 के पूर्व एसएचओ (SHO) इंस्पेक्टर राणा यादविंदर के खिलाफ सेवा आचरण नियमों और मोटर वाहन अधिनियम के कथित उल्लंघन के मामले में विभागीय जांच की मांग को लेकर पंजाब सरकार के शीर्ष अधिकारियों और पुलिस उच्चाधिकारियों को एक औपचारिक शिकायत सौंपी गई है। जिला यूथ कांग्रेस (जालंधर शहरी) के अध्यक्ष अंगद दत्ता द्वारा भेजी गई इस शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) पंजाब और पुलिस कमिश्नर जालंधर को भेजी गई हैं।

शिकायत के अनुसार, इंस्पेक्टर राणा यादविंदर ने कथित तौर पर पुलिस की आधिकारिक वर्दी पहनकर सार्वजनिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गानों और मनोरंजन से भरपूर वीडियो व रील्स अपलोड की हैं। शिकायत में कहा गया है कि यह कृत्य डीजीपी पंजाब द्वारा जारी उन स्पष्ट निर्देशों का सीधा उल्लंघन है, जिनके तहत पुलिसकर्मियों को वर्दी में डांस, मनोरंजन या कैजुअल वीडियो/रील्स बनाने और पोस्ट करने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।

शिकायत में उस वीडियो फुटेज का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसमें अधिकारी को एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो (गाड़ी नंबर PB-08-FQ-5070) से उतरते देखा जा सकता है, जिसके शीशों पर नियमों के विपरीत प्रतिबंधित काली/डार्क फिल्म लगी हुई प्रतीत होती है। दत्ता ने कहा कि पुलिस अधिकारियों, विशेषकर एसएचओ जैसे जिम्मेदार पदों पर तैनात कर्मियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे उच्च स्तर का पेशेवर अनुशासन बनाए रखें और कानून का पालन करने में जनता के लिए एक आदर्श बनें। शिकायत में कहा गया है, "पुलिस की वर्दी विभाग के अधिकार, अनुशासन और गरिमा का प्रतीक है। जब ड्यूटी पर तैनात अधिकारी सार्वजनिक रूप से ट्रैफिक नियमों और विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते दिखाई देते हैं, तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है और कानून के निष्पक्ष व समान प्रवर्तन में जनता का विश्वास कमजोर होता है।"

शिकायत की प्रमुख मांगें:

सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच: वायरल रील्स की औपचारिक जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या वे वर्दी में आचरण से जुड़े डीजीपी के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करती हैं।
गाड़ी के शीशों पर काली फिल्म की जांच: वीडियो में दिख रही गाड़ी (PB-08-FQ-5070) के शीशों पर अवैध रूप से लगाई गई काली फिल्म की जांच कर कार्रवाई की जाए।
विभागीय कार्रवाई: यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के पद या वर्तमान तैनाती की परवाह किए बिना पुलिस सेवा नियमों के तहत उचित प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों की निष्पक्ष जांच और संदर्भ के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग, स्क्रीनशॉट और सोशल मीडिया पोस्ट के सीधे लिंक्स सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं।

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