लड़कियों के गायब होने की अफवाहों पर लगा विराम : महिला आयोग ने सीपी की रिपोर्ट में किया बड़ा खुलासा

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 08 Jun, 2026 11:46 PM

women s commission expressed satisfaction over the police report on the missing

पिछले एक महीने के दौरान करीब एक दर्जन लड़कियों के लापता होने की खबरों से मचे हडकंप और सोशल मीडिया पर फैल रही सनसनीखेज अफवाहों पर पंजाब राज्य महिला आयोग ने पूरी तरह विराम लगा दिया है।

लुधियाना, (राज): पिछले एक महीने के दौरान करीब एक दर्जन लड़कियों के लापता होने की खबरों से मचे हडकंप और सोशल मीडिया पर फैल रही सनसनीखेज अफवाहों पर पंजाब राज्य महिला आयोग ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने जहां लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा को तलब किया था, वहीं मामले में नोटिस भी जारी किया था। आज इस हाई-प्रोफाइल मामले में महिला आयोग ने  लुधियाना पुलिस की रिपोर्ट पर अपनी पूर्ण संतुष्टि और सहमति जताई है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट में साफ किया गया है कि शहर में लड़कियों को अगवा करने वाला कोई भी संगठित गैंग या रैकेट सक्रिय नहीं है, बल्कि लड़कियां निजी और पारिवारिक कारणों से अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई हैं।

महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने एक प्रैसनोट जारी कर स्पष्ट किया है कि लुधियाना पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न थानों में लड़कियों के लापता होने के मामलों को लेकर कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह मामले पीड़ित परिवारों के बयानों के आधार पर अपहरण व अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे। लेकिन पुलिस की अब तक की गहन तफ्तीश और पूछताछ से यह साफ हो गया है कि लापता होने वाली किसी भी लड़की को किसी व्यक्ति या आपराधिक संगठन द्वारा जबरदस्ती अगवा नहीं किया गया है। इन लड़कियों ने अलग-अलग निजी, पारिवारिक और व्यक्तिगत वजहों के चलते पूरी तरह अपनी मर्जी से घर छोड़ा था। चेयरपर्सन ने बताया कि पुलिस की निरंतर जारी कोशिशों के चलते कई लड़कियों को पहले ही सकुशल बरामद करके उनके परिवारों को सौंपा जा चुका है। विशेष रूप से लुधियाना के थाना जमालपुर से संबंधित एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहां से लापता हुई 3 लड़कियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश में स्थित उनके पैतृक गांव से ढूंढ निकाला है। वे लड़कियां भी पारिवारिक मनमुटाव के चलते अपनी मर्जी से वहां चली गई थीं। अन्य मामलों में भी पुलिस द्वारा तकनीकी निगरानी (साइबर सेल), फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर सरगर्मी से पैरवी की जा रही है।

महिला आयोग और पुलिस प्रशासन ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि शहर में किसी भी तरह का कोई डर या घबराहट का माहौल बनाने की जरूरत नहीं है। लोग सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की मनगढ़ंत अफवाहों पर कतई विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे शेयर करें। महिला आयोग ने साफ किया कि वे इस पूरे मामले की खुद नजदीकी से निगरानी रख रहे हैं और फिलहाल किसी आपराधिक साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है, फिर भी हर पहलू की गहराई से जांच जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उनके पास कोई भी विश्वसनीय जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस के साथ साझा करें और जांच में सहयोग करें ताकि बाकी बची लड़कियों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढकर उनके माता-पिता से मिलाया जा सके।

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