पंजाब-हरियाणा के लिए बढ़ी चिंता! भाखड़ा बांध में पानी की आवक 50% घटी, सामने आई बड़ी वजह

Edited By Vatika,Updated: 12 Jun, 2026 04:26 PM

western disturbance lead to low bhakra inflows in peak summer season

पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के कई राज्यों की सिंचाई, पेयजल और बिजली आपूर्ति का प्रमुख स्रोत भाखड़ा बांध इस बार

चंडीगढ़: पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के कई राज्यों की सिंचाई, पेयजल और बिजली आपूर्ति का प्रमुख स्रोत भाखड़ा बांध इस बार पीक गर्मी के मौसम में पानी की कम आवक से जूझ रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार बांध में पानी का प्रवाह सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों में सामान्य से कम बर्फबारी और लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फ देर से पिघल रही है, जिससे सतलुज नदी के जरिए भाखड़ा बांध तक अपेक्षित मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा। 11 जून को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाखड़ा बांध में 16,527 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 32,706 क्यूसेक है। पिछले वर्ष इसी दिन बांध में 28,015 क्यूसेक पानी पहुंचा था। यानी इस बार पिछले साल की तुलना में भी जलप्रवाह काफी कम रहा।

21 मई से अब तक पानी की आमद
21 मई से 11 जून के बीच भाखड़ा बांध में कुल 3,03,307 क्यूसेक पानी पहुंचा, जबकि इसी अवधि का सामान्य औसत 5,91,876 क्यूसेक है। जल मात्रा के हिसाब से इस दौरान बांध में 0.74 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) पानी आया, जबकि सामान्य तौर पर यह 1.45 BCM रहता है।

कम बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ बना कारण
जल संसाधन विशेषज्ञों के मुताबिक, सतलुज जलग्रहण क्षेत्र में इस बार सामान्य 4 BCM की तुलना में केवल 2.2 BCM बर्फबारी हुई। इसके अलावा, लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से ऊंचाई वाले इलाकों का तापमान सामान्य से कम बना रहा, जिससे बर्फ के पिघलने की प्रक्रिया धीमी हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जबकि बर्फ के तेजी से पिघलने के लिए तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचना जरूरी होता है।

21 जून के बाद राहत मिलने की उम्मीद
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। हालांकि 21 जून के बाद तापमान बढ़ने की संभावना है, जिससे बर्फ तेजी से पिघलेगी और सतलुज नदी के जलप्रवाह में सुधार होने के साथ भाखड़ा बांध में पानी की आवक बढ़ सकती है।

जलस्तर अभी बेहतर, लेकिन निकासी ज्यादा
हालांकि कम आवक के बावजूद 11 जून को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,576.65 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 1,555.30 फीट और दीर्घकालिक औसत 1,545.39 फीट से अधिक है। वहीं, पंजाब और हरियाणा में धान की बुवाई शुरू होने के कारण सिंचाई के लिए बांध से 23,163 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि आवक केवल 16,527 क्यूसेक रही। इसके चलते एक दिन में जलस्तर 0.70 फीट घट गया।

अन्य बांधों में भी कम हुई पानी की आमद
भाखड़ा के अलावा अन्य प्रमुख जलाशयों में भी पानी की आवक सामान्य से कम रही। पंडोह बांध में 6,869 क्यूसेक, रंजीत सागर बांध में 4,854 क्यूसेक और पोंग बांध में 2,129 क्यूसेक पानी पहुंचा, जो अपने-अपने औसत से काफी कम है। जल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो सप्ताह बेहद अहम होंगे। यदि ऊपरी इलाकों में तापमान बढ़ता है तो बर्फ तेजी से पिघलेगी और भाखड़ा सहित अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से कृषि और पेयजल आपूर्ति को राहत मिल सकती है।

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