पुलिस हिरासत में मौत : कोर्ट में गैर हाजिर पांचों पुलिस कर्मियों को चेतावनी, जानें क्या हैं आदेश

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 Jul, 2025 08:41 PM

warning given to five policemen who were absent in court

गांव लक्खीजंगल निवासी युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मंगलवार को सीआईए स्टाफ बठिंडा के तत्कालीन इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह सहित पांच पुलिसकर्मी फिर अदालत में पेश नहीं हुए, जबकि अदालत ने पहले ही उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर उन्हें पेश होने के...

बठिंडा (विजय वर्मा) :  गांव लक्खीजंगल निवासी युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मंगलवार को सीआईए स्टाफ बठिंडा के तत्कालीन इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह सहित पांच पुलिसकर्मी फिर अदालत में पेश नहीं हुए, जबकि अदालत ने पहले ही उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर उन्हें पेश होने के सख्त आदेश दिए थे।

11 जुलाई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पांचों पुलिसकर्मियों की ज़मानत याचिका खारिज करते हुए पेशी के आदेश जारी किए थे। इससे पहले भी बार-बार समन भेजे गए, लेकिन वे शामिल नहीं हो सके। इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह के खिलाफ वारंट भी जारी हो चुका है, बावजूद इसके वे जैतो थाने में बतौर एसएचओ ड्यूटी पर बने हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि ये पांचों आरोपी 27 फरवरी 2025 से अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। मामला 17 अक्टूबर 2024 का है, जब सीआईए स्टाफ ने लक्खीजंगल निवासी युवक को घर से हिरासत में लिया था। 18 अक्टूबर को टार्चर से उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया था।

मृतक के जेल में बंद भाई ने फिरोजपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर हिरासत में अत्याचार और गैरकानूनी गिरफ्तारी की शिकायत की थी। इसकी जांच जिला सत्र न्यायाधीश बठिंडा ने इलाका मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह को सौंपी थी। जांच में खुलासा हुआ कि युवक की मौत टॉर्चर, विशेष रूप से वाटरबोर्डिंग के चलते हुई थी और पुलिस ने साक्ष्य छिपाने के लिए शव को बठिंडा की झीलों में फेंक दिया था।

इसके बाद थर्मल थाने में दो फर्जी डीडीआर दर्ज की गई थीं। जांच के बाद अदालत ने हिरासत में हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मंगलवार को इलाका मजिस्ट्रेट रशलीन कौर की अदालत में सुनवाई होनी थी, लेकिन आरोपी हाज़िर नहीं हुए। अब अदालत ने उन्हें 30 जुलाई को पेश होने का अंतिम मौका दिया है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व आरोपी पुलिसकर्मियों ने जांच को चुनौती देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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